Site icon Buziness Bytes Hindi

सीमा के भीतर रहकर करें शक्ति का प्रयोग करें जज: सुप्रीम कोर्ट


सीमा के भीतर रहकर करें शक्ति का प्रयोग करें जज: सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने आज सरकारी अधिकारियों को व्यक्तिगत रूप से पेश होने के लिए तलब करने की उच्च न्यायालयों की प्रथा की निंदा की. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जजों को अपनी सीमा के भीतर रहकर अपनी शक्ति का प्रयोग करना चाहिए. उन्हें सम्राटों की तरह व्यवहार नहीं करना चाहिए.

शक्तियों के पृथक्करण के सिद्धांत का उल्लंघन
जस्टिस संजय किशन कौल और हेमंत गुप्ता की पीठ ने कहा कि इस तरह की प्रथा की “कड़े शब्दों में निंदा” की जानी चाहिए क्योंकि यह न्यायपालिका और कार्यपालिका के बीच शक्तियों के पृथक्करण के सिद्धांत का भी उल्लंघन करती है. अधिकारियों पर एक तरह से दबाव बनाकर अपनी इच्छानुसार आदेश पारित किया जाता है.

सरकारी अधिकारी भी शासन का तीसरा अंग
पीठ ने कहा कि सरकारी अधिकारी भी शासन के तीसरे अंग के रूप में अपने कर्तव्यों का पालन कर रहे हैं. अधिकारियों की ओर से किए गए कार्य या निर्णय उन्हें लाभ पहुंचाने के लिए नहीं होते हैं, बल्कि सार्वजनिक धन के संरक्षक के रूप में और प्रशासन के हित में कुछ निर्णय लेने के लिए बाध्य होते हैं.

सेवा विवाद पर आयी टिपण्णी
शीर्ष अदालत ने यह टिप्पणियां एक चिकित्सा अधिकारी और यूपी सरकार के बीच एक सेवा विवाद पर इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ दायर अपील की सुनवाई के दौरान की है. उच्च न्यायालय ने स्वास्थ्य विभाग के सचिव को इस संबंध में समन जारी किया था.

यह था मामला
दरअसल मनोजकुमार शर्मा नाम के डॉक्टर का साल 2002 में उत्तराखंड से बदायूं ट्रांसफर कर दिया गया था. डॉक्टर ने 13 साल 13 पदभार नहीं संभाला और मामला कोर्ट तक जा पहुंचा. हाईकोर्ट ने डॉक्टर को 13 साल की कानूनी विवाद की अवधि के लिए 50 प्रतिशत वेतन भुगतान करने के लिए यूपी सरकार को निर्देश दिया था.

Exit mobile version