न्यूयार्क। अमेरिका के सिखों ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर 30 सालं से भारतीय जेलों में बंद सिख कैंदियों को रिहा करने की गुहार लगाई है। प्रधानमंत्री मोदी को लिखे पत्र में अमेरिका सिखों ने जेल से रिहाई के लिए एक समिति गठित करने की मांग की है। इसी के साथ यह भी पता लगाने का आग्रह किया कि कितने सिख इस समय भारतीय जेलों में बंद हैं। अमेरिका के सिखों ने यह आरोप लगाया है कि इनमें काफी ऐसे है जो अदालत का आदेश पूरा करने के बाद भी जेलों में बंद हैं। अमेरिका में आयोजित एक कार्यक्रम में विदेश मंत्री एस जयशंकर को सौंपे गए पत्र में आरोप लगाया है कि 80 और 90 के दशक में कांग्रेस द्वारा बनाए उग्रवादी माहौल में पंजाब में राजनीतिक संचालित अपराध किए गए थे। उन पर टाडा और कांग्रेस शासन के अन्य आतंकवाद विरोधी कठोर कानूनों के तहत सिखों के ऊपर मामले दर्ज किए गए थे। सिक्ख्स ऑफ अमेरिका के अध्यक्ष जसदीप सिंह और कमलजीत सिंह सोनी के हस्ताक्षर वाले इस पत्र में कहा है कि हर साल अलग-अलग राजनीतिक दल वोट प्राप्त करने के लिए जेल में बंद सिखों की रिहाई का मामला प्रमुखता के साथ उठाते हैं। चुनाव के बाद यह मामला ठंडा पड़ जाता है। कोई इनकी सुध नहीं लेता है।
अमेरिका सिखों ने प्रधानमंत्री मोदी से इसकी जांच के लिए एक समिति बनाने और भारत की विभिन्न जेलों में बंद सिखों की संख्या का पता लगाने का आग्रह किया है। यह आग्रह इसलिए भी किया है कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व वाली सरकार विभिन्न मौकों पर सिखों और सिख गुरुओं के बलिदान दिवस मनाती है। अमेरिकी सिखों ने लिखा कि हम पीएम मोदी जी आपसे अनुरोध करते हैं कि कृपया इन बंदी सिखों को क्षमा करें। जो पीड़ित हैं और 30 सालों से अधिक वर्षों से जेलों में हैं उनकी रिहाई करवाएं।
