Site icon Buziness Bytes Hindi

Yogi Government द्वारा इस वादे को पूरा करते ही यूपी बन जाएगा ऐसा करने वाला देश का छठवां राज्य


Yogi Government द्वारा इस वादे को पूरा करते ही यूपी बन जाएगा ऐसा करने वाला देश का छठवां राज्य

लखनऊ। उत्तर प्रदेश भी किसानों को मुफ्त बिजली देने वाला देश का छठवां राज्य बन सकता है। क्योंकि चुनाव के पहले भाजपा ने अपने घोषणापत्र में इसको लेकर वादा किया था। ऐसे में अब यूपी आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, पंजाब, तमिलनाडु और तेलंगाना की सूची में आ जाएगा। इसको जल्द लागू करने की उपभोक्ता परिषद ने उम्मीद जताई है। उपभोक्ता परिषद ने बताया कि उत्तर प्रदेश की बीजेपी सरकार ने जहां प्रदेश के लगभग 13 लाख किसानों की बिजली को चुनाव के पहले ही आधी कर दी थी और अपने संकल्प पत्र में यह एलान किया था की सरकार बनने के बाद किसानों की बिजली पूरी फ्री की जाएगी। अब जब प्रदेश में बीजेपी की सरकार (BJP Government) आ गई है, ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि किसानों को जल्द फ्री बिजली का तोहफा मिलेगा। उत्तरप्रदेश भी देश के उन पांच राज्यों में शामिल हो जाएगा जहां किसानों की बिजली फ्री है।

Read also: BJP Leader Death: बीजेपी नेता की पीट-पीटकर हत्या, सरकारी जमीन पर कब्जे का विरोध पड़ा महंगा

ये है देश के पांच राज्य, जहां बिजली फ्री है

राज्य रेट उपभोक्ताओ की संख्या

आंध्र प्रदेश शून्य 1740418
कर्नाटक शून्य 2969013
पंजाब शून्य 1378960
तमिलनाडु शून्य 2117440
तेलंगाना शून्य 2305318

घरेलू उपभोक्ताओं को भी सस्ती बिजली देने की मांग करेगा परिषद

उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष व राज्य सलाहकार समिति के सदस्य अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि उपभोक्ता परिषद नयी सरकार के सामने जहां किसानों को फ्री बिजली ( Free Bijli) देने के वादे को जल्द लागू करने की अपील करेगा, वहीं घरेलू उपभोक्ताओं की भी बिजली सस्ती करने की मांग उठाएगा। वहीं अगर बात करें हरियाणा की तो वहां किसानों की बिजली टोकन 10 पैसे प्रति यूनिट है और पांडुचेरी में भी टोकन 10 पैसे प्रति यूनिट है। अवधेश वर्मा ने बताया कि उत्तर प्रदेश में किसानों की ग्रामीण क्षेत्र में अनमीटर्ड किसानों की 170 रूपया प्रति हॉर्स पावर, ग्रामीण मीटर्ड की 70 रूपया प्रति हॉर्स पावर व एनर्जी चार्ज 02 रूपया प्रति यूनिट है। वहीं शहरी 130 रूपया प्रति हॉर्स पावर व एनर्जी चार्ज 06 पैसे प्रति यूनिट है। चुनाव के पहले इस लागू दर में सरकार ने 50 प्रतिशत कमी का ऑर्डर पहले ही कर दिया है जो 1 जनवरी 2022 से लागू है।

Read also: योगी ने उत्तर प्रदेश के नये मंत्रिमंडल पर चर्चा के लिये की प्रधानमंत्री से मुलाकात

अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि प्रदेश में कुल 13 लाख 16 हजार 399 विद्युत उपभोक्ता ट्यूबवेल के हैं। उनके द्वारा लिया गया सयोजित भार 794170.6 किलोवाट है। उनके लिए वर्ष 2021-22 विद्युत नियामक आयोग द्वारा अनुमोदित आंकड़ों पर नजर डालें तो कुल 14006 मिलियन यूनिट बिजली की जरूरत होती है। जिसकी कुल लागत लगभग 1845 करोड़ रूपया है। यह लागत तब सामने आ रही है जब वर्तमान में उत्तर प्रदेश सरकार ( UP Government) किसानों और छोटे घरेलू उपभोक्ताओं की दरों में ज्यादा बढ़ोत्तरी ना हो। लेकिन सरकार 11 हजार करोड़ रूपये की सब्सिडी देती है। ऐसे में उत्तर प्रदेश में किसानों की बिजली फ्री करने के लिए पहला उपाय तो यह है कि उत्तर प्रदेश सरकार यदि किसानों की बिजली फ्री करना चाहती है तो विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 65 के तहत उसे अतिरिक्त 2 हजार करोड़ रूपये की सब्सिडी देना होगा।

Exit mobile version