मेरठ। विधानसभा चुनाव 2022 (UP Vidhan Sabha Chunav) के परिणाम आने के बाद कांग्रेस में खामोशी छाई हुई है। चुनाव में नए प्रयोग कर धराशाही हुई कांग्रेस पार्टी को अब अपने पुराने और वरिष्ठ नेताओं की याद आई है। यानी अब युवा नेतृत्व और नए प्रयोगों के बाद कांग्रेस पार्टी से निष्कासित वरिष्ठ नेताओं को वापस लेकर उनको बड़ी जिम्मेदारी सौपेगी। पार्टी सूत्रों की माने तो अनुभवी कांग्रेसी नेताओं का फिर से सिक्का चलेगा। इससे युवाओं को इन मजे हुए पुराने नेताओं के नेतृत्व के बीच काम करने का अनुभव प्राप्त होगा।
बता दे कि 2019 के लोस चुनाव हो या फिर 2022 के विधानसभा चुनाव (UP Vidhan Sabha Chunav)। इस बीच कई दिग्गज कांग्रेसी या तो पार्टी छोड़ गए या फिर उनको साइड लाइन कर दिया गया। पार्टी सूत्रों की माने तो 30 से अधिक ऐसे पूर्व विधायकों और सांसदों हैं जो पार्टी छोड़ चुके हैं। कांग्रेस हाईकमान को उम्मीद थी कि नया नेतृत्व जोश के साथ काम करेगा। लेेकिन नए नेताओं ने न तो जोश दिखाया और न ही इसके चुनाव में अच्छे परिणाम सामने आए। इसके उलट पार्टी की दुर्गति और हुई। इन नए नेतृत्व के बीच हकीकत में पार्टी अपना जनाधार भी खो बैठी।
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सार्वजनिक रूप से कांग्रेस चुनाव में हार के जो भी कारण बताए जाए। लेकिन अंदर की माने तो पार्टी में उथल-पुथल मच गई है। वहीं प्रियंका के समर्थक इसे प्रायोजित बता रहे हैं। प्रियंका खुद इस मामले को लेकर अब गंभीर हैं। वह अब प्रदेश के वरिष्ठ कांग्रेसी नेताओं से मिल रही हैं। प्रियंका इन नेताओं से पार्टी की हार के कारण जानकर फिर से नए सिरे से खड़ा करने के बारे में बात कर रही है। इतना ही नहीं जो वरिष्ठ कांग्रेसी नेता अध्यक्ष सोनिया गांधी और पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी से मिलने के लिए समय मांग रहे हैं। उनको मिलवाने के लिए समय दिलवाया जा रहा है।

