यूपी चुनाव 2022: दूसरे चरण की 55 सीटों का भाग्य तय करेंगे मुस्लिम मतदाता

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यूपी चुनाव 2022: दूसरे चरण की 55 सीटों का भाग्य तय करेंगे मुस्लिम मतदाता

By: Dheeraj Upadhyay

लखनऊ: यूपी विधानसभा चुनाव की 55 सीटों पर दूसरे चरण का मतदान 14 फरवरी को होना है। वहीं पश्चिम उत्तर प्रदेश की 58 सीटों पर पहले चरण में हुए कम मतदान के बाद सभी दल इस चरण में एड़ी चोटी का जोर लगा रहे हैं। जिन 9 जिलों की 55 सीटों पर वोट पड़ने है वहाँ मुस्लिम मतदाता निर्णायक भूमिका में है। जिसमें सहारनपुर की (7 सीट), रामपुर (5), बिजनौर (8), मुरादाबाद (6), अमरोहा (4), संभल (4), बरेली (9) बदायूं की (6) और शाहजहांपुर की (6) सीटें शामिल हैं।

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बता दे कि 2017 के विधानसभा चुनाव में इन 55 सीटों में से बीजेपी को 38, सपा को 15 और कांग्रेस को दो सीटें मिली थीं। जबकि बसपा का खाता तक नहीं खुला था। हालांकि इस बार सपा-रालोद गठबंधन से मिल रही टक्कर के कारण भाजपा का पिछला प्रदर्शन दोहरा पाना मुश्किल लग रहा है। वहीं इस चरण में गठबंधन की भी कड़ी परीक्षा होगी क्योंकि इन 55 सीटों पर जो नतीजे आएंगे वही आने वाले चुनाव की दिशा तय करेंगे।

मुस्लिम मतदाताओं का रहेगा प्रभाव

यूपी विधानसभा चुनाव 2022 की दूसरे चरण की अधिकतर सीटों पर मुस्लिम वोटरों का प्रभाव है। खासकर वहाँ जहां मुस्लिम वोटर 30 फीसदी से ज्यादा है जैसे मुरादाबाद जहां करीब 50.8% मुस्लिम वोटर है, वहीं रामपुर में 50%, सहारनपुर में 42% और बिजनौर में 43 फीसदी मुस्लिम वोटर हैं। जबकि अमरोहा में 40 फीसदी संभल में 33% व बरेली में 35% फीसदी मुस्लिम वोटर है जो बड़ा उलटफेर करने का प्रभाव रखते हैं। राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक भाजपा इस चरण में अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए मुस्लिम वोटरों के बिखराव की रणनीति पर काम करेगी लेकिन ऐसा होता दिख नहीं रहा है। हालांकि बसपा के साथ असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी (AMIM) द्वारा बड़ी संख्या में मुस्लिम उम्मीदवारो को उतारने से शायद सियासी समीकरण कुछ बदले और बीजेपी को इससे फायदा हो। अगर ऐसा नहीं हुआ तो भाजपा को करीब 30 सीटें पर सीधा नुकसान हो सकता है।

भाजपा छोड़ सभी दलों ने ज्यादातर मुस्लिमों को दिया है टिकट

इस चरण की अधिकांश सीटें मुस्लिम बाहुल्य या उनके प्रभाव वाली होने के कारण अधिकतर राजनीतिक दलों ने मुस्लिम प्रत्याशी को ही ज्यादा टिकट दिये है। इनमें सपा, बसपा और कांग्रेस ने मिलकर इन 9 जिलों में कुल 78 मुस्लिम उम्मीदवार उतारे हैं। जिसमे बसपा ने सबसे अधिक 23, सपा-रालोद गठबंधन ने 18, तो कांग्रेस ने 21 और AIMIM ने 15 मुस्लिम को टिकट दिये हैं। वही बीजेपी ने एक भी मुस्लिम प्रत्याशी नहीं उतारा है लेकिन उसके सहयोगी पार्टी अपना दल ने टांडा की स्वार सीट पर एक मुस्लिम को उम्मीदवार बनाया है।

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गौरतलब है कि दूसरे चरण में अधिकतर सीटें मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्रों की है इसलिए यहाँ कि 55 सीटों में अधिकतर की किस्मत मुस्लिम वोटर ही तय करेंगे और उसी के आधार पर आगे तय होगा कि 2022 विधान सभा चुनाव में किस पार्टी को बढ़त मिलेगी और वो लखनऊ में सरकार बनाएगा।

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