घरों में सोलर सिस्टम लगाने के मामले में यूपी नंबर-1 बन गया है। प्रदेश में अब तक 9.53 लाख से ज्यादा घरों की छतों पर सोलर प्लांट लगाए जा चुके हैं। इसके साथ ही यूपी ने गुजरात और महाराष्ट्र को भी पीछे छोड़ दिया है।
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, 5 नवंबर तक कुल 9,53,201 घरों की छतों पर सोलर प्लांट लगाए जा चुके हैं। सिर्फ अक्टूबर के महीने में ही 75,031 से अधिक इंस्टॉलेशन हुए।
लोगों को सरकार ने 8,454 करोड़ की सब्सिडी दी
घर की छत पर सोलर सिस्टम लगाने वाले लोगों को केंद्र और राज्य सरकार ने मिलकर अब तक 8,454.5 करोड़ रुपए से ज्यादा की सब्सिडी दी है।
इसमें केंद्र सरकार की ओर से 6,254.5 करोड़ रुपए और उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से 2,200 करोड़ रुपए से अधिक की अतिरिक्त सब्सिडी दी गई है।
यूपी में अब तक लगाए गए रूफटॉप सोलर प्लांट की कुल क्षमता 3,167.57 मेगावाट हो चुकी है। इससे रोज करीब 1.42 करोड़ यूनिट बिजली बन जाती है।
अगर एक यूनिट बिजली की कीमत 6.50 रुपए मानी जाए तो इस बिजली का मूल्य रोज करीब 9.26 करोड़ रुपए और सालाना लगभग 3,380 करोड़ रुपए की बिजली केवल लोगों की छतों से बन रही है।
एक लाख से ज्यादा लोगों को रोजगार मिला
पीएम सूर्य घर योजना से यूपी में 8,700 से अधिक राज्य सूचीबद्ध सोलर वेंडर्स काम कर रहे हैं। इस क्षेत्र में से एक लाख से अधिक रोजगार के अवसर पैदा हुए हैं।
सोलर पैनल, इन्वर्टर, बैटरी, माउंटिंग स्ट्रक्चर, इलेक्ट्रिकल उपकरण, इंस्टॉलेशन, परिवहन, भंडारण और मरम्मत जैसे क्षेत्रों में कारोबार बढ़ रहा है। इससे रोज 45 से 50 करोड़ रुपए के व्यावसायिक अवसर बन रहे हैं।
12,670 एकड़ जमीन की जरूरत बची
रूफटॉप सोलर का एक बड़ा फायदा यह है कि बिजली बनाने के लिए अलग से जमीन की जरूरत नहीं पड़ती। घरों की छतों पर ही सोलर पैनल लगने से जमीन का इस्तेमाल बचता है।
यूपी में स्थापित 3,167.57 मेगावाट क्षमता के बराबर ग्राउंड-माउंटेड सोलर प्लांट लगाने के लिए करीब 12,670 एकड़ जमीन की जरूरत होती। रूफटॉप सोलर के कारण इतनी जमीन की जरूरत नहीं पड़ी।
