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UP Politics News: क्या बसपा फिर लौटेगी पुराने पैटर्न, राष्ट्रपति बनने के दावों पर खुलकर बोलीं मायावती


UP Politics News: क्या बसपा फिर लौटेगी पुराने पैटर्न, राष्ट्रपति बनने के दावों पर खुलकर बोलीं मायावती

लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी की मुखिया मायावती (Bahujan Samaj Party chief Mayawati) ने रविवार को पार्टी कार्यालय में समीक्षा बैठक बुलाई थी। जिसमें प्रदेश भर से पदाधिकारी आये हुए थे। इस मौके पर मायावती ने प्रदेश अध्यक्ष और जिलाध्यक्षों को बरकरार रखते हुए सभी इकाईयों को भंग कर दिया। मायावती ने सभी को-ऑर्डिनेटरों को भी हटा दिया है। अब पूरे यूपी में तीन को-ऑर्डिनेटर रहेंगे, जो हर महीने अपने प्रभार वाले क्षेत्रों की समीक्षा रिपोर्ट मायावती को देंगे। इसके अलावा मायावती ने 2024 को लेकर तैयारियों के भी निर्देश दिये हैं। इसके अलावा लोकसभा के खाली हुई सीटों पर भी होने वाले उपचुनाव में प्रतिभाग करने का निर्णय लिया है। मायावती ने इस दौरान विपक्ष के आरोपों पर सफाई तो दी ही साथ ही भविष्य की रणनीतियों पर भी चर्चा की और पदाधिकारियों को निर्देश दिये।

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राष्ट्रपति बनने की खबरों को बताया अफवाह

इस मौके पर मायावती विपक्ष के साथ मीडिया से भी खासी नाराज दिखीं। हालांकि, मीडिया के सामने उन्होंने कोई बयान तो नहीं दिया लेकिन जारी प्रेस रिलीज में उन्होंने मीडिया पर जातिवादी होने और पक्षपातपूर्ण खबरें चलाने का आरोप लगाया। इस मौके पर मायावती ने साफ किया कि वो राष्ट्रपति नहीं बनेंगी। उन्होंने बीजेपी पर आरोप लगाया कि उनके कार्यकर्ताओं और वोटरों को प्रभावित करने के लिए झूठी बयानबाजी की। उन्होंने कहा कि बीजेपी ने उनको वोटरों से कहा कि बसपा की सरकार नहीं बनने पर मायावती को राष्ट्रपति बना देंगे, इसलिए हमें वोट दें। उन्होंने कहा कि जबकि सच यह है कि राष्ट्रपति बनने की तो वो सपने में भी नहीं सोचतीं हैं। उन्होंने कहा कि मैं कांशीराम की शिष्या हूं, उनके पदचिन्हों पर हमेशा चलूंगी। उन्होंने भी राष्ट्रपति बनने के ऑफर को ठुकरा दिया था।

दलित-मुस्लिम गठजोड़ पर होगा काम

मायावती ने साफ कहा कि इस बार दलित-मुस्लिम गठजोड़ पर काम करेंगी। मायावती ने कहा कि मुस्लिम समाज ने समाजवादी पार्टी को एकतरफा वोट किया और अब उसे आभास हो गया है कि उनका वोट खराब हो गया है। इसका उन्हें पछतावा भी है। मायावती ने कहा कि मुस्लिम वोटबैंक को सपा के शिकंजे से बाहर निकालने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि 2007 की तरह एक बार फिर से मुस्लिम समाज को अपने साथ लाया जाएगा। साथ ही पिछड़ों, अति पिछड़ों और अपरकास्ट के गरीबों को पार्टी से जोड़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि यूपी में जब-जब सपा को मुस्लिमों ने वोट किया है, बीजेपी मजबूत हुई है। जबकि, बसपा जब-जब मजबूत हुई है, भाजपा को सत्ता से बेदखल होना पड़ा है।

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जिंदगी का एक-एक पल पार्टी के लिए

मायावती ने कहा कि यूपी में फिर से पार्टी को सत्ता में लाने के लिए वो संघर्ष करेंगी। उन्होंने कहा कि बसपा को हमेश पूंजीवादी, जातिवादी और सामंतवादी ताकतों से जूझना पड़ा है। आगे भी करना होगा और यह सोचकर मैंने भी कमर कस ली है। अब मेरा जीवन ही संघर्ष और संघर्ष ही जीवन है, यानी जिंदगी का एक-एक पल पूरे देश में पार्टी को मजबूत करने में लगाएंगी।

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