मेरठ। प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 (State assembly elections 2022) के बाद अब रालोद ने संगठन पर फोकर करना शुरू कर दिया है। पार्टी ने तीन सदस्यीय समिति गठित कर इसकी जिम्मेदारी सौंपी हैं। इस कमेटी में रालोद राष्ट्रीय महासचिव बाबा हरदेव के अलावा केपी चौधरी व चौधरी प्रवीण सिंह हैं। समिति पार्टी ढांचे में परिवर्तन का रोडमैप बनाएगी। समिति आगामी 15 अप्रैल तक प्रदेश के जिलों के दौर पर रहेगी और उसके बाद अपनी रिपोर्ट राष्ट्रीय अध्यक्ष जयंत चौधरी को सौंपेगी।
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विधानसभा चुनावी नतीजों का अध्ययन भी यह समिति करेगी। समिति जिलों में जाकर देखेगी कि संगठन को कैसे मजबूत किया जा सकता है। पार्टी का मानना है कि संगठन चुनाव लड़ता है यदिं संगठन मजबूत रहेगा तो पार्टी चुनाव में अच्छा प्रदर्शन करेगी। समिति संगठन में बदलाव कहां पर होना है इसकी जांच करेगी। इसी के साथ ही मूल ढांचे में परिवर्तन की संभावना भी तलाश करेगी। रालोद सड़क से लेकर सदन तक जनता के मुद्दे मजबूती से उठाएगी। रालोद अध्यक्ष जयंत चौधरी (RLD President Jayant Choudhary) ने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं को दिशा निर्देश दिए हैं कि बढ़ रही महंगाई और रोजाना बढ़ रहा पेट्रोल-डीजल का दाम के अलावा गरीब व मध्यम वर्ग पर बढ़ रहे आर्थिक बोझ को मुद्दा बनाकर उठाए। रालोद किसानों के मुद्दे मजबूती से उठाएगी। रालोद अध्यक्ष ने पार्टी विधायकों और पूर्व विधायकों को साथ मिलकर काम करने के निर्देश दिए।
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उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में सपा के साथ गठबंधन कर रालोद को संजीवनी मिली है। गठबंधन में रालोद ने 33 सीटों पर चुनाव लड़ा था। जिसमें से आठ पर जीत हासिल की। पार्टी को इस बार तीन प्रतिशत वोट मिला। जबकि 2017 के विधानसभा चुनाव में 1.78 प्रतिशत वोट ही मिला था। रालोद पिछले कई सालों से अपनी खोई सियासी जमीन तलाश रही थी। जो उसे इस विधानसभा चुनाव में मिल गई।

