लखनऊ। समाजवादी पार्टी को विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद अब सपा के कुनबे में एक बार फिर से दरार पड़ती दिखाई दे रही है। आज सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने विधायक दल की बैठक बुलाई थी। लेकिन इस बैठक में अखिलेश यादव ने अपने चाचा शिवपाल को नहीं बुलाया। जबकि ये माना जा रहा था कि चाचा शिवपाल यादव विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष का चेहरा होंगे। इस बैठक में भाजपा सरकार को सदन से सड़क तक घेरने की रणनीति पर चर्चा की गई। हालांकि चुनाव के बीच में भी इस तरह के कई मामले जाए जिसमें सपा के अंदरुनी झगड़े की आहट सुनाई दी थी। लेकिन उस दौरान अपना खुद का नुकसान देख दोनों शांत हो गए। अब जबकि चुनाव खत्म हो गए।
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दूसरी ओर भाजपा ने प्रदेश में सरकार बना ली है। उसके बाद अखिलेश यादव ने चाचा शिवपाल यादव (Shivpal Yadav) को फिर से बड़ा झटका दिया है। भतीजे अखिलेश ने चाचा शिवपाल के नेता प्रतिपक्ष बनने की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। शिवपाल इसी उम्मीद में पिछले दो दिन लखनऊ में ही जमे थे। उन्हें उम्मीद थी कि आज होने वाली बैठक में भतीजा अखिलेश यादव उन्हें यानी शिवपाल यादव को नेता प्रतिपक्ष के रूप में विधायकों के सामने पेश करेंगे। लेकिन भतीजे अखिलेश ने चाचा शिवपाल यादव को विधायक दल की बैठक के बारे में कोइ जानकारी ही नहीं दी। इससे शिवपाल यादव नाराज ही नहीं काफी आहत भी हें। प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के मुखिया शिवपाल यादव सपा के चुनाव चिह्न पर जसवंतनगर सीट से चुनाव लड़े थे। शिवपाल यादव ने कहा कि उन्हें जानकारी मिली थी कि विधायक दल की बैठक आज हो रही है। उनको इस बैठक में नहीं बुलाया। शिवपाल यादव से पूछा कि उनका अगला कदम क्या होगा। इस पर उनका कहना था कि इस बारे में अभी कोई फैसला नहीं ले रहे हैं।

