यूपी सरकार ने एक महत्वपूर्ण फैसला लेते हुये नये मदरसों को अनुदान देने के सभी रास्तों को पूरी तरह बन्द कर दिया है। बता दें कि नये मदरसों को अनुदान देने की नीति सन 2016 में पूर्व CM अखिलेश यादव के कार्यकाल में शुरू की गयी थी, जिसे अब योगी सरकार ने पूरी तरह खत्म कर दिया है।
जानकारी के अनुसार मंगलवार को अल्पसंख्यक कल्याण विभाग द्वारा आयोजित बैठक में इस प्रस्ताव को पास कर दिया गया है, जिसके बाद इन पर अब पूरी तरह रोक लग जायेगी। बता दें कि अखिलेश सरकार द्वारा बनायी गयी नीति के तहत 100 मदरसों को उस दौरान अनुदान प्राप्त हुआ था, वहीं योगी सरकार आते ही इस पर पूरी तरह रोक लगा दी गयी। जिसके बाद सपा सरकार में बनी हुई नीति का हवाला देते हुये कई मदरसा प्रबंधक हाईकोर्ट चले गये थे, वहीं इन्होंने कहा था कि वह सब मानक पूरे कर रहें हैं तो अनुदान क्यों नहीं दिया जा रहा है।
वहीं सरकार ने इस मामले को संज्ञान में लेते हुये इन मदरसों की जाँच कराई तो उनकी मान्यता जाँच के दौरान फर्जी पायी गयी, इसके बाद यूपी सरकार ने अब इस नये फैसले को लेना उचित समझा है। दूसरी ओर सरकार के इस फैसले का विरोध सोशल मीडिया में खासा देखा जा रहा है, जहाँ भारतीय जनता पार्टी पर एकाधिकार के आरोप लगाये जा रहें हैं।
