मेरठ। मेरठ सहित प्रदेश में नगर निकाय चुनाव की तैयारियां इस समय जोरों पर हैं। हर राजनैतिक दल ने निकाय चुनाव की तैयारी को लेकर अपनी पूरी ताकत झोंकी हुई है। इस बार निकाय चुनाव में आम आदमी पार्टी और राष्ट्रीय लोकदल भी पूरे दमखम के साथ उतरने की तैयारी कर चुकी है। इस बार उप्र में होने वाले नगर निकाय चुनाव को लोकसभा चुनाव 2024 का सेमीफाइनल माना जा रहा है। इसी कारण स्थानीय निकाय चुनाव की तैयारियों में दलों ने अपनी ताकत लगा दी है। हालांकि मेरठ ही नहीं पूरे प्रदेश में अभी आरक्षण की स्थिति स्पष्ट नहीं हुई है। लेकिन इसके बावजूद भी सभी दल वोटरों पर अपनी मजबूत पकड़ बनाने में जुटे हैं। दिवाली पर भी चुनाव लड़ने के इच्छुक भावी प्रत्याशियों ने क्षेत्र में भ्रमण किया और अपने बधाई के पोस्टर—बैनर लगवाए।
अक्टूबर के अंतिम सप्ताह से निकाय चुनाव की हलचल काफी तेज हो जाएगी। भाजपा ने निकाय चुनाव को लेकर बूथ और वार्ड स्तर पर प्रभारियों की तैनाती की है। वहीं 30 अक्टूबर तक प्रभारियों द्वारा किए कार्यों की समीक्षा के बाद अपनी तैयारियों को और धार देगी। 31 अक्टूबर को होने वाली रन फार यूनिटी के केंद्र में निकाय चुनाव को ही रखा गया है। भाजपा पश्चिमी क्षेत्र के प्रवक्ता गजेंद्र शर्मा ने बताया कि हर स्तर पर तैयारियों को पूरा किया है। भाजपा निकाय चुनाव को लेकर मतदाताओं से सीधे संवाद स्थापित कर रही है।
प्रदेश की प्रमुख विपक्षी पार्टी सपा भी निकाय चुनाव की तैयारियों को अंतिम रूप देने की कोशिश में है। हालांकि सपा संरक्षक मुलायम सिंह की मृत्यु के बाद सपा की निकाय चुनाव तैयारी कुछ दिन के रूक गई थी। लेकिन अब फिर से सपा ने तेजी पकड़ी है। सपा प्रदेश स्तर पर निकाय चुनाव के लिए कमेटी गठित कर चुकी है जो कि जिलों का दौरा भी कर चुकी है। जिला कमेटी भी अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत कर चुकी है। जिलाध्यक्ष चौधरी राजपाल सिंह ने बताया कि सपा इस बाद महापौर से लेकर नगर पंचायत चुनाव में पूरी मजबूती के साथ उतरेगी। सपा का ध्यान इस बार मतदाताओं का नाम सूची में दर्ज कराने पर अधिक है।
देश की सबसे पुरानी और बड़ी पार्टी कही जाने वाली कांग्रेस भी नगर निकाय चुनाव में मजबूती से तैयारी कर रही है। कांग्रेस ने वार्डों में प्रत्याशियों को चुनाव लड़ाने को लेकर सूची तैयार करनी शुरू कर दी है। आगामी 31 अक्टूबर को कांग्रेस के प्रांतीय अध्यक्ष नसीमुददीन सिददीकी निकाय चुनाव तैयारियों की समीक्षा के लिए मेरठ आ रहे हैं। कांग्रेस के प्रदेश मीडिया प्रभारी अभिमन्यु त्यागी ने बताया कि पार्टी कार्यकर्ता मतदाताओं के बीच अपनी पकड़ बनाने के लिए घर—घर जनसंपर्क कर रहे हैं। आरक्षण की स्थिति स्पष्ट होने के बाद प्रत्याशियों की घोषणा की जाएगी।
बसपा भी निकाय चुनाव में एकजुट होकर मैदान में उतरने की कोशिश में है। आरक्षण से पहले मतदाताओं को बसपा के पक्ष में करने पर अधिक जोर है। बसपा प्रमुख मायावती लखनऊ में निकाय चुनाव को लेकर कई दौर की बैठक पार्टी पदाधिकारियों के साथ कर चुकी हैं। मेरठ मंडल कोर्डिनेटर मोहित जाटव ने बताया कि पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के निर्देशन में निकाय चुनाव की तैयारियां अपने अंतिम दौर में हैं।
