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UP Nagar Nikay Chunav 2022: निकाय चुनाव को लेकर तैयारियां जोरो पर,आरक्षण व्यवस्था पर दलों की नजर

UP Nagar Nikay Chunav 2022:

मेरठ। निकाय चुनाव की तैयारियों को लेकर अब मेरठ में तैयारियां जोरों पर हैं। निकाय चुनाव की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। मेरठ प्रशासन चुनाव से संबंधित तैयारियों को समय से पूरा करने के लिए बैठक कर रहा है। लेकिन अभी नगर निगम से लेकर नगर पंचायतों के आरक्षण का निर्धारण नहीं हुआ है। जिसको लेकर कयासों का दौर चल रहा है।

आगामी चार नवंबर तक नगर निकाय आरक्षण चक्रानुक्रम में तैयार कर लिया जाएगा। माना जा रहा है कि आरक्षण की नई व्यवस्था के अनुसार 50 प्रतिशत आबादी बढ़ने वाले क्षेत्र में नए वार्ड बनाए जाएंगे। इस व्यवस्था के लिहाज से देखा जाए तो मेरठ नगर निगम में पांच नये वार्ड बनाए जाने तय माने जा रहे हैं। इस समय मौजूदा 90 वार्डो की संख्या इसके बाद बढ़कर 95 हो जाएगी। मेरठ में फिलहाल निकाय चुनाव 2022 को लेकर आरक्षण के नए फार्मूले पर काम चल रहा है।

नई व्यवस्था के अनुसार नगर निगम में नए क्षेत्र जोड़ने या फिर आबादी में 50 प्रतिशत से अधिक की बढोत्तरी पर नए वार्ड का गठन किया जाएगा। इसके अलावा नगर निगम के पुराने वार्डों में आरक्षण के फार्मूले पर चक्रानुक्रम के आधार निर्धारण किया जाएगा। इसके लिए मेरठ नगर निगम के साथ नगर पालिका सरधना और मवाना के साथ 13 नगर पंचायतों की जानकारी उपलब्ध करा दी गई है। आरक्षण को लेकर लखनऊ में प्रक्रिया चल रही है। इस प्रक्रिया को आगामी चार नवंबर तक पूरा किया जाना है।

आरक्षण फार्मूले और आबादी के साथ ही जातीय समीक्षा और चक्रानुक्रम को ध्यान में रखकर वार्डों का आरक्षण तय होगा। इसके तहत निगम के वार्डों को एससी, एसटी, ओबीसी,महिला और सामान्य वर्ग में बांटा जाएगा। इसी आधार पर दल अपने प्रत्याशी इन वार्डों में उतारेंगे। हालांकि पहले क्रम में 33 फीसद वार्डों का आरक्षण नई व्यवस्था से सीधे प्रभावित होगा।

वर्ष 2007 में हुए निकाय चुनाव में मेरठ की महापौर सीट ओबीसी के खाते में गई थी। जिसके बाद भाजपा की मधु गुर्जर महापौर बनीं थी। वर्ष 2012 के निकाय चुनाव में मेरठ महापौर की सीट ओबीसी में थी। उस दौरान भाजपा प्रत्याशी और पंजाबी समाज से हरिकांत अहलूवालिया महापौर बने थे। वर्ष 2017 के निकाय चुनाव में महापौर की सीट एससी-एसटी महिला के खाते में गई थी।

जिसमें बसपा प्रत्याशी सुनीता वर्मा ने भाजपा प्रत्याशी कांता कर्दम को हराकर जीत हासिल की थी। माना जा रहा है कि इस बार महापौर पद की सीट सामान्य होने की उम्मीद है। इसके चलते अभी से ही सभी राजनैतिक दलों ने अंदरखाने तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। सूत्रों की माने तो दलों ने अपने प्रत्याशी भी तय कर लिए हैं।

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