- दिल्ली सहित कई राज्यों ने लगा दी है पटाखों पर पाबंदी
मेरठ। बढ़ते प्रदूषण और कोरोना संक्रमण के फिर से आती लहर को देखते हुए दिल्ली सहित देश के कई राज्यों में पटाखें जलाने पर पाबंदी लगा दी गयी है। इन राज्यों में दिल्ली, हरियाणा, पश्चिम बंगाल और राजस्थान, ओडिशा और सिक्किम शामिल हैं।
वहीं दिल्ली में तो 7 से 30 नवम्बर तक पटाखे जलाने पर पाबंदी लगा दी गयी है। इस दौरान दिल्ली में लोग ग्रीन पटाखे भी नहीं जला सकते हैं। ऐसे में संभावना यही है कि प्रदूषण औरकोरोना संकट का सामना कर रहे उत्तर प्रदेश में भी पटाखों पर बैन लगाया जा सकता है।
कोरोना संक्रमण के खतरे के बीच बढ़ता प्रदूषण समस्या को और बढ़ा रहा है। उत्तर प्रदेश, दिल्ली के साथ देश के अनेक राज्य इन समस्या को सामना करने के लिये विभिन्न उपाय अपना रहे हैं। इनमें निर्माण कार्यों में उड़ने वाली धूल को रोकने के लिये नियमित तौर पर पानी का छिड़काव करना, खुले मे कूड़ा और खेतों में पराली जलाये जाने पर रोक लगाने के निर्देश भी दिये गये हैं। इसके बावजूद प्रदूषण पर लगाम लगाने में कामयाबी हासिल नहीं हो पायी है।
वहीं दीपावली का पर्व नजदीक आते ही पटाखों से होने वाले प्रदूषण की चिंता राज्यों को सताने लगी है। कई सालों से दीपावली पर जलाये जाने वाले पटाखों के कारण कई दिनो तक वातावरण मंे प्रदूषण की धुंध छायी रहती है जिसे स्माॅग भी कहा जाता है। यह स्माॅग सांस के मरीजों के लिये जानलेवा तक बन जाता है। वहीं आंखों में जलन और सांस लेने में तकलीफ, खांसी-जुकाम से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
ऐसे में दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने अधिकारियों के साथ बैठक कर दीपावली पर जलाए जाने वाले पटाखों पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया है। 7 नवम्बर से 30 नवम्बर तक किसी भी तरह के पटाखे जलाने पर कार्रवाई की जाएगी। वहीं कलकत्ता उच्च न्यायालय ने कोविड-19 महामारी के मद्देनजर काली पूजा, जगद्धात्री पूजा और छठ पर पटाखों के इस्तेमाल और बिक्री पर बृहस्पतिवार को प्रतिबंध लगा दिया। मध्यप्रदेश में विदेशी पटाखों की बिक्री पर बैन लगा है। वहीं सिक्किम सरकार ने मुख्य सचिव एस. सी. गुप्ता ने आपदा प्रबंधन कानून, 2005 के प्रावधानों के तहत आदेश जारी कर अगले आदेश तक राज्य में पटाखे फोड़ने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया।
दिल्ली एनसीआर में वायु की गुणवत्ता काफी खराब हो चुकी है। ऐसे में पटाखों के कारण होने वाला प्रदूषण कोरोना महामारी के संकट को और बढ़ा सकता है। पड़ोसी राज्य दिल्ली में पटाखों को बैन किये जाने के बाद उत्तर प्रदेश में भी पटाखे चलाने पर पाबंदी लगायी जा सकती है। क्योंकि उत्तर प्रदेश भी कोरोना संक्रमण से जुझ रहा है। वहीं प्रदेश भर में चल रहे निर्माण कार्य भी प्रदूषण को बढ़ा रहे हैं मगर विकास की गति पर लगाम लगाना प्रदेश के हित में नहीं है। वहीं बात करें पिछले कुछ सालों की तो सर्दी के मौसम में किसानों द्वारा पराली जलाये जाने और दीपावली पर पटाखे जलाने से होने वाला प्रदूषण प्रदेश की जनता को परेशान करता रहा है। ऐसे में पटाखों पर बैन लगाये जाने की संभावनाएं बनती दिख रही है।

