लखनऊ। यूपी चुनाव – उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव की पहली बड़ी जनसभा मायावती 2 फरवरी को आगरा में करेंगी। गौरतलब है कि अभी तक मायावती सिर्फ बैठकों में ही शामिल होती रही हैं। अभी तक उन्होंने कोई भी चुनावी जनसभा नहीं की है। हालांकि कांशी राम के परिनिर्वाण दिवस पर उन्होंने लखनऊ में एक जनसभा की थी लेकिन वह चुनावी जनसभा नहीं थी। मायावती के द्वारा चुनावी जनसभाओं को नहीं करने को लेकर के लगातार सवाल खड़े हो रहे थे ऐसे में मायावती ने यह निर्णय लिया है वह अब जनता के बीच जाकर उन्हें संबोधित करेंगी।
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बहुजन समाज पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव और राज्यसभा सांसद सतीश मिश्र ने मंगलवार को बताया कि आगरा में कोविड-19 के नियमों पालन करते हुए जनसभा की जाएगी। हालांकि अभी तक समय और स्थान तय नहीं हुआ है। सतीश मिश्र ने कहा कि इसकी भी जल्द सूचना जारी कर दी जाएगी। गौरतलब है कि चुनाव आयोग ने उत्तर प्रदेश समेत पांच राज्यों में बड़ी रैलियों पर 30 जनवरी तक रोक लगा दी है। जबकि पहले चरण का मतदान 10 फरवरी को होना है। ऐसे में अभी तक सिर्फ वर्चुअल रैलियों को ही अनुमति दी गई है। मायावती अगर 2 फरवरी को आगरा में जनसभा करती हैं तो जाहिर सी बात है कि वहां एक बड़ी भीड़ इकट्ठा। ऐसे में चुनाव आयोग का निर्णय भी उनकी रैलियों को प्रभावित कर सकता है। हालांकि यह माना जा रहा है कि चुनाव आयोग अगर प्रचार प्रसार के लिए ढील नहीं देता है तो मायावती की रैली रद भी की जा सकती है। गौरतलब है कि आगरा कभी बसपा का गढ़ हुआ करता था। मायावती इस अपने पुराने गढ़ से 2022 के चुनाव का आगाज करेंगी। हालांकि यहां पर भारतीय जनता पार्टी ने बहुजन समाज पार्टी के वर्चस्व को काफी हद तक तोड़ा हुआ है। ऐसे में बसपा की मुखिया मायावती की यह कोशिश होगी कि वह एक बार अपने फिर से पुराने किले को मजबूत करें।

