लखनऊ। यूपी चुनावी दंगल 2022 – समाजवादी पार्टी ने लखनऊ की नौ में से बची सात और सीटों पर प्रत्याशियों का ऐलान मंगलवार को किया है। वहीं मलिहाबाद सीट पर इसके पहले ही पूर्व सांसद सुशीला सरोज को और मोहनलालगंज से अपने वर्तमान विधायक अुब्रिश पुष्कर पर भरोसा जताया है। इसके पहले मलिहाबाद सीट पर पूर्व सांसद सुशील सरोज को उतारे जाने से कार्यकर्ताओं में नाराजगी दिख रही थी तो वहीं मंगलवार को जारी सात सीटों पर जिन प्रत्याशियों पर दांव खेला गया है, उनको लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है। मंगलवार को बची सात सीटों में से बख्शी का तालाब से पूर्व विधायक गोमती यादव, लखनऊ पश्चिम में बसपा से आये अरमान, लखनऊ उत्तर से छात्रनेत्री पूजा शुक्ला, लखनऊ पूर्व से अपने प्रवक्ता अनुराग भदौरिया, लखनऊ मध्य से पूर्व मंत्री रविदास मेहरोत्रा और हॉट सीट बनी कैंट से राजू गांधी को चुनावी मैदान में उतारा गया है।
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सास-दामाद को उतारा मैदान में
मंगलवार को सपा ने लखनऊ पूर्व से अनुराग भदौरिया को टिकट दिया गया है। जो कि पूर्व सांसद सुशीला सरोज के दामाद हैं। जबकि सुशीला सरोज को मलिहाबाद से पहले ही उतार दिया गया था। हालांकि सूत्रों का यह दावा है कि सुशीला सरोज स्वास्थ्य कारणों का हवाला देकर अपना नाम वापस ले सकतीं हैं। वहीं मलिहाबाद के कार्यकर्ता भी उनका टिकट बदले जाने की मांग कर रहे हैं।
कुछ नामों ने चौंकाया
इसके अलावा सबसे ज्यादा चौंकाने वाला नाम लखनऊ उत्तर से पूजा शुक्ला का है। लखनऊ विश्वविद्यालय से आईसा की सियासत कर सपा ज्वाइन करने वाली पूजा शुक्ला को टिकट दिये जाने का मामला तूल पकड़ रहा है। क्योंकि इस सीट से कद्दावर ब्राह्मण चेहरा प्रो. अभिषेक मिश्रा दावेदार बताये जा रहे थे। वो 2012 की अखिलेश सरकार में कैबिनेट मंत्री भी थे। वहीं कैंट सीट पर राजू गांधी को उतारा गया है। माना जा रहा था कि इस सीट पर भाजपा सांसद रीता बहुगुणा जोशी के बेटे मयंक जोशी को टिकट दिया जा सकता है। लेकिन फिलहाल ऐसा नहीं हुआ है।
समर्थक भी हैरान
सपा प्रत्याशियों का नाम सामने आते ही समर्थक भी हैरान रह गए। मंगलवार को पार्टी कार्यालय के अंदर सपा के दावेदार डेरा डाले हुए थे। वहीं कई समर्थक ऐसे भी थे जो दबी जुबान से कह रहे थे कि लखनऊ में सपा ने भाजपा को वॉक ओवर दे दिया है। सोशल मीडिया पर सपा समर्थक राजन यादव एक पोस्ट पर लिखते हैं कि सपा ने बीजेपी के लिए मैदान खाली कर दिया है। दरअसल, लखनऊ में पवन मनोचा, यावर हुसैन रेशू, कामरान बेग, चांद सिद्दीकी, मनीष गुप्ता, मनीष यादव, दीपक रंजन, राजेन्द्र यादव, अभिषेक मिश्रा, सुशील दीक्षित समेत कई लोग टिकट की लाइन में थे लेकिन उनको टिकट नहीं मिल पाया है। सबसे ज्यादा विरोध पूर्वी, उत्तर और कैंट विधान सभा को लेकर है।
बीजेपी की लिस्ट आने के बाद हो सकता है बदलाव
हालांकि कई कार्यकर्ता इसे सपा की सियासी चाल भी बता रहे हैं। नाम नहीं छापने की शर्त पर सपा के एक प्रकोष्ठ के उपाध्यक्ष कहते हैं कि यह तो गेम खेला गया है। सपा ने लिस्ट जारी कर बीजेपी को उकसाया है। अब भाजपा भी जवाब में लिस्ट जारी करेगी। जिसके बाद उनके प्रत्याशियों को देखते हुए सपा अपने उम्मीदवार बदलेगी।

