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UP Election News: युवाओं के लिए रोजगार का जरिया बना चुनाव प्रचार,20 हजार रुपये में रखे जा रहे आई एक्सपर्ट


UP Election News: युवाओं के लिए रोजगार का जरिया बना चुनाव प्रचार,20 हजार रुपये में रखे जा रहे आई एक्सपर्ट

कोरोना संक्रमण काल में चुनाव प्रचार भी पूरी तरह से बदल गया है। इससे जहां प्रत्याशियों को रैली और चुनावी जनसभा से निजात मिली है। वहीं दूसरी ओर ये युवाओं के लिए रोजगार का जरिया भी बन गए हैं।

मेरठ। UP Election News – याद करिए आज से एक दशक पहले का चुनावी दौर। जब प्रत्याशी की कारों का काफिला चुनाव प्रचार के लिए गांव या फिर किसी गली मोहल्ले में आता था तो पीछे भारी भीड़ देखने के लिए दौड़ती थी। 2007 के विधानसभा चुनाव तक कुछ ऐसा ही दौर रहा। बदलते समय के साथ चुनाव प्रचार का तरीका भी बदल गया। कोरोना जैसी महामारी के दौर में तो यह बिल्कुल ही बदल गया है। अब बदले तरीके से चुनाव प्रचार करना पड़ रहा है। इसके लिए अब न तो प्रत्याशी को समर्पित कार्यकर्ता की जरूरत है और न भारी भरकम समर्थकों की भीड़ और गाड़ियों के काफिले की। बदले जमाने के अनुसार सोशल मीडिया से प्रचार के लिए युवाओं को अब नौकरी पर रखा जा रहा है। उम्मीदवार अब आईटी एक्सपर्टस युवाओं को 50 हजार रुपये की सेलरी पर रख रहे हैं। जबकि अन्य युवकों को सोशल मीडिया पर दिनभर के प्रचार के लिए एक हजार रुपये प्रतिदिन के हिसाब से दिया जा रहा है।

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फेसबुक पर एक दिन का खर्चा 10 हजार :

सोशल मीडिया पर भी चुनाव प्रचार की काफी बंदिशें हैं। ऐसे में इस पर बड़ी सावधानी से प्रचार की जरूरत होती है। ऐसे में किसी सुलझे हुए एक्सपर्टस के माध्यम से ही ये काम संभव हो रहा है। इस समय प्रत्याशियों को फेसबुक काफी महंगी पड़ रही है। फेसबुक पर अपना प्रचार और भाषण पोस्ट करवाने के लिए प्रत्याशी एक दिन का 10 हजार से 15 हजार रुपये खर्च कर रहे हैं। चूंकि प्रचार का सारा भार सोशल मीडिया पर है। ऐसे में फेसबुक की अहमियत अधिक ही बढ़ गई है। इस पर पहले प्रचार का 7 हजार रुपये था लेकिन अब ये काफी बढ़ गया है। वहीं दूसरी ओर यूटयूब और गूगल पर वीडियो बनाने और उसको अपलोड करने का इससे अधिक चार्ज किया जा रहा है। प्रत्याशी को वीडियो पर अधिक क्रिएटिव्स बनाने की धनराशि भी 30—50 हजार रुपये तक वसूली जा रही है।

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