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यूपी चुनावी दंगल 2022: क्या अपने जेठ अखिलेश यादव के खिलाफ चुनाव लड़ेंगी अपर्णा? दिया जवाब


यूपी चुनावी दंगल 2022: क्या अपने जेठ अखिलेश यादव के खिलाफ चुनाव लड़ेंगी अपर्णा? दिया जवाब

लखनऊ। यूपी चुनावी दंगल 2022 – मुलायम सिंह यादव की छोटी बहू अपर्णा सिंह यादव ने भारतीय जनता पार्टी ज्वाइन कर ली है। जिसके बाद से यह कब आया जताई जा रही है कि वह समाजवादी पार्टी के मुखिया और अपने जेठ अखिलेश यादव के खिलाफ चुनावी ताल ठोक सकती हैं। हालांकि अभी इस पर किसी ने भी पुष्टि तो नहीं की है लेकिन अपर्णा यादव ने खुद आगे आकर जवाब दिया है। अपर्णा ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि अगर भारतीय जनता पार्टी उन्हें कराल से चुनाव लड़ आती है तो वह अखिलेश के खिलाफ उतरने को तैयार हैं। हालांकि अपर्णा यादव ने यह भी कहा कि उनकी पार्टी में बहुत समझदार लोग हैं, निर्णय उनको लेना है। मुझे अभी जो जिम्मेदारी मिली है फिलहाल उसको निभा रही हूं। अपर्णा के इस बयान से यह तो साफ हो गया है कि वह akhilesh के खिलाफ चुनाव नहीं लड़ना चाहती हैं लेकिन अगर पार्टी कहती है तो मना भी नहीं करेंगी।

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करहल सपा का गढ़ है

मैनपुरी जिले में आने वाली करहल विधानसभा सीट समाजवादी पार्टी के लिए हमेशा से अभेद्य रही है। इस सीट पर समाजवादी पार्टी का 1989 से कब्जा है। 2017 में भी भाजपा की लहर के दौरान यहां से समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी सोबरन सिंह यादव की जीत हुई थी। यह यादव बाहुल्य सीट है और यहां पर भारतीय जनता पार्टी सिर्फ एक बार 2002 में ही जीत दर्ज कर पाई है। यही कारण है कि समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने करहल विधानसभा को अपना रण क्षेत्र चुना है। इसके पहले यह कयास लगाए जा रहे थे कि वह आजमगढ़ की गोपालपुर विधानसभा सीट से भी चुनाव लड़ सकते हैं।

अपर्णा को एमएलसी बनाने की भी चल रही बात

सियासी गलियारों में भले ही यह दावा किया जा रहा है कि अपर्णा यादव अखिलेश यादव के खिलाफ चुनाव लड़ सकती हैं लेकिन पार्टी के सूत्रों का मानना है कि भारतीय जनता पार्टी उन्हें एमएलसी बना सकती है। गौरतलब है कि अपर्णा यादव 2017 में समाजवादी पार्टी के टिकट पर लखनऊ की कैंट विधानसभा चुनाव से लड़ा था लेकिन वह भारतीय जनता पार्टी की रीता बहुगुणा जोशी से हार गई थी। इसके बाद वह लगातार कैंट विधानसभा में सक्रिय रहीं। कहां जा रहा है कि वह समाजवादी पार्टी से कैंट विधानसभा सीट से ही टिकट मांग रही थी लेकिन अखिलेश यादव परिवार के किसी भी सदस्य को चुनाव लड़ाने के खिलाफ हैं।

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मोदी-योगी की तारीफ

अपर्णा यादव भले ही समाजवादी पार्टी के संरक्षक और संस्थापक मुलायम सिंह यादव की बहू हैं लेकिन उनकी भारतीय जनता पार्टी के नेताओं से नजदीकियां भी किसी से छिपी नहीं थी। अपर्णा यादव कई बार सार्वजनिक मंचों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भी तारीफ कर चुकी हैं। वहीं भाजपा में शामिल होने के बाद अपर्णा यादव ने कहा कि 2017 से पहले यानी कि समाजवादी पार्टी की सरकार के दौरान यूपी खतरे में था। जनता ने अपना भविष्य बचाने के लिए भारतीय जनता पार्टी को जीता या और असली बदलाव तभी आया है। अपर्णा ने कहा कि योगी आदित्यनाथ की सरकार में 5 साल के दौरान एक भी दंगा और घोटाला नहीं हुआ है। 43 हजार से ज्यादा भू-माफिया और गुंडे जेल में हैं। 2000 करोड़ की अवैध संपत्तियों पर बुलडोजर चलाया गया है। बहू बेटियों को डर नहीं लगता है, क्योंकि यूपी में बीजेपी की सरकार है और अपराधी पलायन कर गए हैं।

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