Site icon Buziness Bytes Hindi

यूपी चुनावी दंगल 2022: स्वाति सिंह ने टिकट कटने के बाद सपा में शामिल होने के सवाल पर क्या कहा? 


यूपी चुनावी दंगल 2022: स्वाति सिंह ने टिकट कटने के बाद सपा में शामिल होने के सवाल पर क्या कहा? 

लखनऊ। यूपी चुनावी दंगल 2022 – भारतीय जनता पार्टी की योगी सरकार में मंत्री और सरोजिनी नगर से विधायक स्वाति सिंह ने अपने सियासी कैरियर को लेकर उड़ रही अफवाहों पर विराम लगा दिया है। स्वाति सिंह को लेकर या माना जा रहा था कि उनका टिकट कटने के बाद वह समाजवादी पार्टी के संपर्क में हैं। लेकिन बुधवार को अपने मंत्री आवास पर पत्रकारों के सामने इन सारी अफवाहों को सिरे से नकार दिया। स्वाति सिंह ने कहा कि वह हमेशा भारतीय जनता पार्टी में ही रहेंगी।

Read also: जासूसी सॉफ्टवेयर पोगासस : मोदी सरकार ने भारतीय लोकतंत्र को हाईजैक किया – कांग्रेस (लीड-1)

गौरतलब है कि लखनऊ के सरोजनी नगर विधानसभा सीट से मौजूदा विधायक स्वाति सिंह और उनके पति दयाशंकर सिंह दोनों ही ताल ठोक रहे थे। दयाशंकर सिंह अपनी पत्नी स्वाति का खुलकर विरोध कर रहे थे। आपको बता दें कि दयाशंकर सिंह भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष हैं। टिकट कटने से पहले स्वाति सिंह का एक ऑडियो भी वायरल हुआ था जिसमें वह अपने पति दयाशंकर Singh पर मारपीट का आरोप लगा रही हैं। पति और पत्नी के बीच इस आपसी विवाद से भारतीय जनता पार्टी ने किनारा करते हुए दोनों को ही टिकट नहीं दिया है। भाजपा ने सरोजनी नगर विधानसभा से ईडी के पूर्व अधिकारी राजेश्वर सिंह को चुनाव मैदान में उतारा है।

स्वाति सिंह ने साफ की स्थिति

टिकट कटने के बाद समाजवादी पार्टी में स्वाति सिंह के शामिल होने की अफवाहों के बीच एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने साफ कहा कि पार्टी ने कुछ सोच समझकर ही टिकट कटा होगा। इसके पीछे पार्टी की जरूर कोई बड़ी मनसा होगी साथ ही इसमें मेरी भलाई होगी। पार्टी की नीतियों को लेकर मैं पूरी तरह समर्पित हूं और हमेशा भारतीय जनता पार्टी में ही रहूंगी। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने मुझे बहुत सम्मान दिया है ऐसे में मैं यह कर्ज कभी नहीं उतार सकती। स्वाति सिंह ने कहा कि भविष्य में जो भी जिम्मेदारी पार्टी की ओर से दी जाएगी मैं उसे पूरा करूंगी। मेरी पूरी कोशिश रहेगी कि भाजपा में आधी आबादी के प्रतिनिधित्व को आगे भी लेकर चलती रहूंगी। 

स्वाति सिंह ने कहा कि भाजपा का एहसानों कभी नहीं भूलेंगी। क्योंकि मैंने सक्रिय राजनीति से किनारा कर लिया था लेकिन एक बार फिर से भाजपा ने मुझे मौका दिया और हाउसवाइफ से नासिक विधायक बनाया बल्कि मंत्री भी बनाया। स्वाति सिंह ने कहा कि संगठन का निर्णय सर्वमान्य होता है। भाजपा कार्यकर्ताओं की पार्टी है यह व्यक्ति विशेष की पार्टी नहीं है। पूरी टीम मिलकर एक निर्णय लेती है और उस निर्णय का हर किसी को स्वागत करना चाहिए। 

Read also: यूपी चुनाव- भाजपा ने 17 उम्मीदवारों की नई सूची जारी की, स्वाति सिंह की सीट से राजेश्वर सिंह को बनाया उम्मीदवार

पति दयाशंकर पर बोलने से बचती दिखीं

इस बीच पत्रकारों ने स्वाति सिंह से उनके प्रति दयाशंकर सिंह को लेकर भी कई सवाल की है लेकिन स्वाति सिंह उन सवालों से बचने की कोशिश करती रही। उन्होंने कहा कि वह भारतीय जनता पार्टी की एक मामूली कार्यकर्ता हैं ऐसे में पार्टी दूसरों के लिए क्या करती है उस पर वह कोई टिप्पणी नहीं करना चाहती हैं। किसी और जगह से चुनाव लड़ने के मामले पर उन्होंने कहा कि पार्टी का जो भी निर्णय होगा वह स्वीकार करेंगी।

Exit mobile version