मेरठ। यूपी चुनावी दंगल 2022 – मेरठ की हाट सीट बनी सरधना विधानसभा पर इस बार सबकी निगाहें हैं। इस सीट से जहां सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के करीबी अतुल प्रधान एक बार फिर से मैदान में उतरे हैं वहीं दूसरी ओर भाजपा के संगीत सोम तीसरी पारी खेलने की कोशिश में हैं। सरधना की ये सीट पिछले एक दशक से भाजपा के पास है। यहां से भाजपा के संगीत सोम विधायक हैं। बता दे कि सरधना विधानसभा सीट पर कभी कांग्रेस का कब्जा हुआ करता था। लेकिन जब भाजपा ने कांग्रेस से यह सीट छीनी है उसके बाद से इस सीट पर भाजपा को कोई नहीं हरा सका। इस बार अतुल प्रधान बाजी मारने की फिराक में हैं। इस कारण सभी की नजरें इस सरधना सीट पर टिकी हुई हैं। इस सीट पर कांग्रेस ने रिहानुदीन को तो बसपा ने संजीव धामा टिकट दिया है। लेकिन यहां पर मुख्य मुकाबला भाजपा और गठबंधन प्रत्याशी के बीच माना जा रहा है।
Read also: अखिलेश यादव को चुनाव हराने के लिए एसपी सिंह बघेल को भाजपा ने बनाया उम्मीदवार – अर्जुन राम मेघवाल
पूर्व के चुनावों पर नजर डाले तो यहां से छह बार कांग्रेस और छह बार भाजपा चुनाव जीती है। इस सीट से लगातार पिछले दो बार से भाजपा के संगीत सोम को मतदाता जिताकर विधानसभा भेजते आ रहे हैं। इस सीट पर 1952 में पहली बार चुनाव हुए तो कांग्रेस के फतेह सिंह राणा विधायक बने थे। उसके बाद 1957,1962 में कांग्रेस के ही रामजी लाल ने सरधना विधानसभा सीट जीती थी। 1967 और वर्ष 1971 में भी यह सीट कांग्रेस के पास रही। 1974 में यहां से बीकेडी से नजीर अहमद विधायक बने थे। उसके बाद जनता पार्टी के ठाकुर बलवीर सिंह 1977 में चुनाव जीते थे। इस बार भी भाजपा मतों के ध्रुवीकरण की उम्मीद है। इसी के चलते भाजपा प्रत्याशी संगीत सोम तीसरी पारी खेलने की उम्मीद बनाए हुए हैं। लेकिन इस बार सरधना क्षेत्र का मतदाता पूरी तरह से चुप्पी साधे हुए हैं। जिससे चुनाव के रूख का पता नहीं चल पा रहा है।

