मेरठ। यूपी चुनावी दंगल 2022 – इस बार जाटों को मनाने में भाजपा सरकार का पसीना निकल गया। लेकिन अभी जाटों के मूड़ का कुछ पता नहीं चला। इस समय सोशल मीडिया पर जाट समाज ने एक अभियान चलाया हुआ है। जिसमें भाजपा और उसकी सरकार को सबक सिखाने के लिए मैसेज किए जा रहे हैं। इस बार विधानसभा चुनाव में भाजपा की राह आसान नहीं है। भाजपा जाटों के निशाने पर है। जाट समाज के नेताओं का आरोप है कि भाजपा ने यूपी के विधानसभा चुनाव में किसान नेता चौधरी चरण का फोटो हटा दिया है।वहीं जाटों के बीच जाकर भाजपा चौधरी चरण सिंह के नाम पर वोट मांग रही है। जाट समाज ने हरियाणा में भी भाजपा द्वारा जाटों का अपमान कहने की बात कही है।
Read also: भाजपा सरकार में सर्व समाज का विकास देखकर विपक्ष बौखलाया : केशव प्रसाद मौर्य
जाट आरक्षण संघर्ष समिति के अध्यक्ष यशपाल मलिक का कहना है कि इस बार भाजपा जाटों को लालच में नहीं ले सकती। उन्होंने कहा कि जाटों से भाजपा ने जो वादे किए थे वह आज तक पूरे नहीं हुए हैं। फिर जाट समाज इस बार भाजपा को वोट क्यों दे। इस बार विधानसभा चुनाव में भाजपा को जाट समाज सबक सिखाकर ही मानेगा। उनका कहना है कि भाजपा का दोहरा चरित्र उजागर हुआ है। भाजपा और उसके नेता हमेशा से ही दोगली बातें करते हैं। जाटों के वोट के लिए भाजपा किसान मसीहा चौधरी चरण सिंह का सहारा ले रही है। जबकि हरियाणा में चौधरी चरण सिंह विवि के कलैंडर से ही उनकी फोटो गायब कर दी है। भाजपा सरकार के इस कारनामे से जाट समाज और किसान काफी आहत है। इसलिए अब विधानसभा चुनाव में सत्ताधारी भाजपा को सबक सिखाने की पूरी तैयारी कर ली गई है। इसी को लेकर जाट समाज ने सोशल मीडिया पर अपने ग्रुप बनाए हैं और भाजपा को सबक सिखाने के लिए एकजुट होकर खिलाफ वोट करने की अपील की जा रही है।

