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यूपी चुनावी दंगल 2022: एबीएसएस की चेतावनी के बाद मायावती के इस बयान से बढ़ी सियासी हलचल


यूपी चुनावी दंगल 2022: एबीएसएस की चेतावनी के बाद मायावती के इस बयान से बढ़ी सियासी हलचल

लखनऊ। यूपी चुनावी दंगल 2022 – आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति के पदाधिकारियों की चेतावनी अब रंग लाने लगी है। इसका असर यह हुआ है कि बहुजन समाज पार्टी की मुखिया मायावती ने बुधवार को 2022 की अपनी पहली सियासी रैली में उनके मुद्दे पर अपनी बात रखी है। मायावती के बयान के बाद आरक्षण समर्थक कार्य में को में एक नया उत्साह का संचार हुआ है। गौरतलब है कि आरक्षण समर्थक कार्मिक लगातार यह बात कह रहे हैं कि जो दल प्रमोशन में आरक्षण को अपने घोषणा पत्र में शामिल करेगा वह उसके साथ जाएंगे।  आरक्षण समर्थक कार्मिकों का दावा है कि प्रदेश में उनकी संख्या आठ लाख से ज्यादा है। इसके अलावा उनके परिवार और रिश्तेदार भी हैं जो कुल मिलाकर 40 लाख से ज्यादा वोट बैंक के रूप में हैं। इसको लेकर उन्होंने रणनीतियां भी बनानी शुरू कर दी है। उन्होंने साफ कहा है कि जो भी आरक्षण के मुद्दे पर उनके साथ आएगा पूरे प्रदेश का आरक्षण समर्थक कार्मिक उस दल का समर्थन करेंगे।

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बुधवार को आगरा में जनसभा के दौरान बसपा मुखिया मायावती ने कहा कि सरकारी कर्मचारियों के पदोन्नति के लिए आरक्षण का बिल आया तो समाजवादी पार्टी ने इस बिल को फाड़ दिया था और पास नहीं होने दिया था। ताकि दलित वर्ग आगे ना बढ़ सकें, यही सपा का असली कैरेक्टर है। मायावती के इस बयान से साफ है कि प्रदेश के 800000 आरक्षण समर्थक कार्मिकों की मांग उनके जेहन में है। जिसके बाद आरक्षण समर्थक कार्मिकों को एक उम्मीद की किरण दिखाई दी है। 

उम्मीद जागी

मायावती के इस बयान के बाद आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति के संयोजक अवधेश कुमार वर्मा ने सोशल मीडिया पर लिखा कि ‘आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति की पदोन्नति में आरक्षण को लागू करने की गुहार पर बहन मायावती की आज आगरा रैली में हुंकार।’ अवधेश कुमार वर्मा के इस पोस्ट से यह साफ होता हुआ दिखाई दे रहा है कि वह मायावती के इस बयान को समिति की ओर से जारी चेतावनी के असर के रूप में देख रहे हैं। उन्होंने कहा कि एक राष्ट्रीय पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष की तरफ से यह बयान आया है ऐसे में यह उम्मीद है कि उनके मुद्दे पर आगे भी इस तरह की बहस होगी। 

100 फीसदी मतदान कर करेंगे चोट

आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति ने साफ कहा है कि प्रदेश के 800000 आरक्षण समर्थक कार्मिक सपरिवार और रिश्तेदारों के साथ 100% मतदान करेंगे। हर विधानसभा में 55 आरक्षण समर्थकों की एक कमेटी बनाई गई है जो लोगों को जागरूक कर रही है। अवधेश कुमार वर्मा ने एक बार फिर साफ कहा है कि जो भी dal प्रमोशन में आरक्षण पर बात करेगा हम उसके साथ खड़े रहेंगे।

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दलितों-पिछड़ों दोनों को मिले आरक्षण

अवधेश कुमार वर्मा ने यह भी कहा है कि प्रमोशन में आरक्षण का लाभ दलितों के साथ पिछड़ों को भी मिले। उन्होंने कहा कि यह एक संवैधानिक व्यवस्था होनी चाहिए। अवधेश कुमार वर्मा ने यह भी कहा कि केंद्र सरकार पिछले 10 साल से 117वां बिल पारित नहीं कर रही है। उन्होंने केंद्र की मोदी सरकार से अपील करते हुए कहा है कि अगर वह सच में दलितों के हितैषी हैं तो इस बिल को पारित करें।

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