उत्तर प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने यूपी विधानसभा में 8 लाख, 8 हजार 736 करोड़ का बजट पेश करते हुए घोषणा की कि प्रदेश की मेधावी छात्राओं को पात्रता के आधार पर स्कूटी दी जाएगी और युवाओं को ब्याज मुक्त ऋण दिया जाएगा। वहीं, बजट में चार नए एक्सप्रेस-वे की भी घोषणा की गई है। इसके अलावा नगर पालिकाओं को स्मार्ट सिटी बनाने की भी घोषणा की गई है।
सदन में बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश की अर्थव्यवस्था को एक ट्रिलियन डॉलर बनाने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए राज्य सरकार ने कृषि एवं संवर्गीय सेवाएं, अवस्थापना, उद्योग, आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, शिक्षा, पर्यटन, नगरीय विकास, वित्तीय सेवाएं, ऊर्जा, पूंजी निवेश आदि 10 क्षेत्रों को चिन्हित कर क्षेत्रवार कार्ययोजना तैयार की है। सुचारू नीति क्रियान्वयन, व्यापार करने में आसानी, निवेश आकर्षित करने के लिए सतत विकास के प्रति समर्पण, प्रदेश के सभी क्षेत्रों में निवेश का संतुलित प्रवाह और नागरिकों के जीवन स्तर को ऊपर उठाने के लिए दीर्घकालिक मूल्य एवं व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।
प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने विधानसभा में बोलते हुए कहा कि प्रदेश में विकसित की जा रही वायु, जल, सड़क एवं रेल नेटवर्क की कनेक्टिविटी से प्रदेश के उद्योगों एवं विनिर्माण इकाइयों को अपने माल को देश-विदेश के बाजारों में भेजने के लिए परिवहन के विभिन्न साधनों के बीच निर्बाध स्विचिंग की सुविधा मिलेगी। कानून व्यवस्था एवं विद्युत आपूर्ति में अभूतपूर्व सुधार, सक्रिय नीति निर्माण तथा इन्वेस्ट यूपी में निवेश सारथी, निवेश मित्र एवं ऑनलाइन प्रोत्साहन लाभ प्रबंधन प्रणाली जैसी डिजिटल सुविधाओं से निवेश प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित हुई है, जिससे निवेशकों का विश्वास बढ़ा है तथा प्रदेश में व्यापार के लिए अनुकूल वातावरण बना है। वित्त मंत्री ने बताया कि नीति आयोग, भारत सरकार ने वित्तीय वर्ष 2014-2015 से 2022-2023 तक की अवधि के लिए राज्यों की राजकोषीय स्थिति के संबंध में एक रिपोर्ट प्रकाशित की है, जिसमें उत्तर प्रदेश को अग्रणी राज्य की श्रेणी में रखा गया है। समेकित “राजकोषीय स्वास्थ्य सूचकांक” जो 2014 से 2019 की अवधि में 37.0 था, वह 2022-2023 में बढ़कर 45.9 हो गया है।
रिपोर्ट के अनुसार व्यय की गुणवत्ता में व्यापक सुधार हुआ है। 2018 से 2023 की अवधि में पूंजीगत व्यय कुल व्यय का 14.8 प्रतिशत से 19.3 प्रतिशत के बीच रहा। इस अवधि में यह अनुपात देश के प्रमुख राज्यों के औसत अनुपात से अधिक रहा। वित्तीय वर्ष 2018-2019 में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण पर व्यय कुल व्यय का 4.9 प्रतिशत था, जो वर्ष 2022-2023 में बढ़कर 6.5 प्रतिशत हो गया, जो देश के प्रमुख राज्यों में सबसे अधिक था। सुरेश खन्ना ने आगे कहा कि जब हमें प्रदेश की जनता की सेवा करने का अवसर मिला तो प्रदेश की अर्थव्यवस्था पूरी तरह से चरमराई हुई थी और जीएसडीपी मात्र 12.89 लाख करोड़ रुपये के स्तर पर थी। हमने अपनी सरकार के कार्यकाल में प्रदेश की अर्थव्यवस्था को दोगुना किया है।
वर्ष 2024-2025 में प्रदेश की जीएसडीपी 27.51 लाख करोड़ रुपये होने का अनुमान है। हम अब देश में विकास दर बढ़ाने वाले राज्यों में अग्रणी स्थान पर हैं। वर्ष 2023-2024 में भारत की जीडीपी विकास दर 9.6 प्रतिशत रही जबकि हमारे प्रदेश की विकास दर 11.6 प्रतिशत रही है। वित्तीय वर्ष 2016-2017 में प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय मात्र 52,671 रुपये थी। मात्र तीन वर्ष की अवधि में 2019-2020 में प्रति व्यक्ति आय बढ़कर 65,660 रुपये हो गई। इसके बाद कोविड महामारी की भयावहता से पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था डगमगा गई। तब हमने मात्र तीन वर्षों में 14.9 प्रतिशत की अप्रत्याशित वार्षिक वृद्धि दर हासिल कर वर्ष 2023-2024 में प्रति व्यक्ति आय को 93,514 रुपये के स्तर पर पहुंचा दिया है।

