विश्व कप, साउथ अफ्रीका और बदकिस्मती, अजीब संयोग है कि ICC द्वारा आयोजित इन मुकाबलों में अक्सर दक्षिण अफ्रीका के साथ वह सब होता रहा है जो आज हुआ. एकबार फिर बदकिस्मती ने उनका पीछा नहीं छोड़ा, ज़िम्बाब्वे के खिलाफ जिस मुकाबले को उन्हें एकतरफा तौर पर जीतना चाहिए था उस मैच में एक महत्वपूर्ण उसे अपने ही पडोसी देश के साथ साझा करना पड़ा, उसकी झोली से इस तरह एक अंक निकलना उसे आगे चलकर बहुत भारी भी पड़ सकता है, हालाँकि अम्पायरों ने पूरी कोशिश की कम से कम पांच ओवरों का मैच हो जाए लेकिन इंद्रदेवता को यह मंज़ूर नहीं था, उसने अपनी मेहरबानी ज़िम्बाब्वे पर दिखाई और उसे एक मुफ्त का अंक मिल गया.
वर्षा से बाधित इस मैच को समय बीतने के साथ ही 9 ओवररों का कर दिया गया, ज़िम्बाब्वे ने पहले बल्लेबाज़ी की, शुरुआत में लड़खड़ाने के बाद बाद में वेस्ले मधेवीरे और मिल्टन शुंबा ने टीम का स्कोर 79 तक पहुंचा दिया, इस बीच उसे पांच विकेट भी खोने पड़े, इनमें चार विकेट तो 19 रनों पर ही गिर चुके थे, पांचवां विकेट शुम्बा के रूप में अंतिम गेंद पर गिरा। इस दौरान वेस्ले मधेवीरे के साथ उन्होंने 60 रनों की महत्वपूर्ण साझेदारी की. वेस्ले मधेवीरे ने सर्वाधिक 18 गेंदों पर 35 रन बनाये, शुम्बा ने 18 रनों का योगदान किया।
जीत केलिए साऊथ अफ्रीका को 9 ओवरों में 80 रन चाहिए थे, मौसम और खराब हो चूका था, बूँदाबादी शुरू हो चुकी थी लेकिन अम्पायरों ने खेल शुरू किया और डिकॉक ने चौकों छक्कों की बौछार, मगर आठ गेंद बाद ही मैच रोकना पड़ा, टारगेट revise हुआ, अब सात ओवरों में 64 रन चाहिए था, खेल शुरू हुआ, डिकॉक का धमाका भी शुरू हुआ मगर बारिश भी शुरू हो गयी, अम्पायरों ने पूरी कोशिश की कि मैच को पूरा कराया जाय, इस बीच ज़िम्बाब्वे के गेंदबाज़ बारिश की वजह से फिसलने लगे, फील्डर भी स्लिप होने लगे मगर लगातार कोशिश करते रहे कि किसी तरह मैच को पांच ओवर तक पहुंचा दिया जाय जिससे मैच का नतीजा निकल आये. मगर बारिश आज ज़िम्बाब्वे के साथ थी, अम्पायरों के लाख फीवर के बावजूद उसने अंततः मैच को तीन ओवर में ही ख़त्म करना पड़ा. दक्षिण अफ्रीका ने तबतक 51 रन बना लिए थे. डॉक ने 18 गेंदों पर 47 रनों की तूफानी पारी खेली।
