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उत्तम चरित्र एवं उत्तम संस्कृति का आपस में अटूट सम्बन्ध: आनंदीबेन पटेल


उत्तम चरित्र एवं उत्तम संस्कृति का आपस में अटूट सम्बन्ध: आनंदीबेन पटेल

लखनऊः उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल की अध्यक्षता में आयोजित महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ, वाराणसी के 42वें दीक्षान्त समारोह में 81607 छात्र-छात्राओं को उपाधियां दी गयी जबकि 59 छात्र-छात्राओं को पदक दिये गये। राज्यपाल ने अपने सम्बोधन में कहा कि विद्यार्थी अपनी प्रतिभा का उपयोग राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करेंगे। आप समाज एवं देश की आशाओं का केन्द्र हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा का एक व्यापक सन्दर्भ होता है। इसके द्वारा व्यक्ति का सम्पूर्ण विकास किया जाता है। केवल उपाधि प्राप्त करना शिक्षा का उद्देश्य नहीं है। यह इसका वाह्य आवरण है। उत्तम चरित्र एवं उत्तम संस्कृति का आपस में अटूट सम्बन्ध है और इस लक्ष्य को प्राप्त करना उत्कृष्ट शिक्षा संरचना और प्रक्रिया द्वारा ही सम्भव है।

राज्यपाल ने कहा कि विश्वविद्यालय शैक्षणिक स्वतंत्रता और नए विचारांे का उद्गम स्थल होता है। शोध और नवोन्मेषाी दृष्टिकोण विश्वविद्यालय के लिए प्राणवायु हैं। ऐतिहासिक, सांस्कृतिक, साहित्यिक विरासत से समृद्ध वाराणसी को इस महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ से सबकी अपेक्षाएँ और भी अधिक है। उन्होंने कहा कि ऐतिहासिक विद्यापीठ अपने सीमित संसाधनों का समुचित उपयोग करते हुए विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने की दिशा में पूर्व की भांति अपनी महती भूमिका निभाता रहेगा।

राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 की संकल्पना समाज की आवश्यकता तथा विद्यार्थियों की रचनात्मक सोच, तार्किकता एवं नवाचार की भावना पर आधारित है। नई शिक्षा नीति में भारत की परम्परा, विरासत, सांस्कृतिक मूल्यों एवं तकनीकी ज्ञान तथा कौशल विकास में समन्वय स्थापित करने का सफल प्रयास किया गया है। उन्होंने कहा कि प्राथमिक शिक्षा से लेकर उच्च शिक्षा अर्थात् के0जी0 से पी0जी0 तक की शिक्षा प्रणाली में महत्वपूर्ण परिवर्तन किये गये हैं, जिसमें पाठयक्रम की संरचना एवं नियम आदि पर प्रकाश डाला गया है।

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