कीव। रूसी नियंत्रण में लिए यूक्रेनी क्षेत्र और रूस के सैन्य स्थलों के पास विस्फोटों के एक दिन बाद रूस ने कुछ जगहों पर यूक्रेनी ड्रोन हमलों की पुष्टि की। यूक्रेनी सेना ने ये हमले देर रात को किए। इससे पता चलता है कि कीव को पश्चिमी देशों से मिल रही मदद अब उसकी क्षमता बढ़ा रही है। यूक्रेन ने अपने खोए हुए क्षेत्रों के बजाय रूस के प्रमुख क्षेत्रों पर हमलों की रणनीति बनाई है। ताजा घटनाएं रूस कब्जे वाले क्रीमिया एयरबेस पर हुईं। पश्चिमी अधिकारियों के अनुसार घटना के बाद रूस के काला सागर स्थित नौसैनिक विमानन बल का आधा हिस्सा बेकार हो गया। आरआईए के हवाले से बताया कि ऐसा लगता है रूसी विमान भेदी यूनिट येवपतोरिया के पश्चिमी क्रीमिया बंदरगाह के पास कार्रवाई में जुटीं थीं।
रूस ने दावा किया कि खेरसॉन के पूर्व में नोवा काखोवका बस्ती पर हमला करने के लिए भेजे छह यूक्रेनी ड्रोन को विमान रोधी ने मार गिराया। उसने कहा यूक्रेन खेरसॉन पर दोबारा अपना नियंत्रण चाहता है लेकिन यह संभव नहीं हो सकेगा। अमेरिका ने पहली बार कहा कि वह यूक्रेन को स्कैन माइन.रेसिस्टेंट व्हीलर,ईगर सर्विलांस ड्रोन, एंटीआर्मर राउंड के अलावा हॉवित्जर हथियार की मदद करेगा। एक वरिष्ठ अधिकारी ने जानकारी दी है कि नए 77ः5 करोड़ डॉलर के सहायता पैकेज में 40 माइनरोधी वाहन,15 स्कैन ईगल्स और दो हजार एंटीआर्मर हथियारों की मदद की जाएगी। यह मदद दक्षिण और पूर्वी यूक्रेन में करी जाएगी। जहां रूस की सेना ने बारूदी खदानें बनाकर अपने को मजबूत किया है। बता दें कि बाइडन प्रशासन अब तक यूक्रेन को 10ः6 अरब डॉलर सैन्य सहायता दे चुका है। यह नई मदद पूर्व में दी सहायता से अलग बताई जा रही है। वहीं अमेरिका की इस मदद से यूक्रेन की सैन्य शक्ति मजबूत हुई है।
