लखनऊ : दिल्ली एयरपोर्ट (Delhi Airport) पर शुक्रवार को यूक्रेन आए छात्र जैसे ही परिवार वालों से मिले उनकी आंखें नम हो गई। कोई अपने घर वालों को देख कर रो पड़ा तो कोई गले से लिपट गया। इस दौरान छात्रों ने आपबीती भी शेयर की। बताया कि वहां पर हर समय जान को खतरा है। हर धमाके के बाद ऐसा लगता है कि अब जीना मुश्किल हो जाएगा। छात्रों ने बताया कि वहां पर अभी भी कई लोग ऐसे हैं दूसरे देशों के बॉर्डर तक नहीं पहुंच पाए हैं।
इस दौरान कई छात्रों ने सरकार से आग्रह किया कि उनको लाने के लिए जो प्रक्रिया अपनाई गई उस में तेजी लाई जाए। दरअसल शुक्रवार को ही यूक्रेन में फंसे भारतीय छात्रों (Indian students stranded in Ukraine)ने वीडियो में जारी किया था जिसमें बताया था कि अभी तक सैकड़ों छात्र फंसे हुए हैं और उनसे किसी ने भी संपर्क नहीं किया है। यूक्रेन में करीब 18 से 20000 छात्र मेडिकल और अन्य कोर्स की पढ़ाई करते हैं। इसमें से अभी करीब 60 फिर से छात्रों को इंडिया वापस लाना है। कई छात्र तो यूरोप के अन्य देश के बॉर्डर पर पहुंचकर शरण ले चुके हैं लेकिन कुछ छात्र अभी भी यूक्रेन में फंसे हुए हैं। अब तक यूक्रेन में दो भारतीय छात्रों की जान जा चुकी है।
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छात्र दीपिका गुप्ता ने जारी किया वीडिया
मेडिकल छात्र दीपिका गुप्ता (Medical student Deepika Gupta) ने वीडियो जारी कर बताया था कि यूक्रेन के सुमी में अभी भी 700 से ज्यादा छात्र फंसे हुए हैं। उन्होंने बताया कि यहां के डायरेक्टर किसी को भी निकलने नहीं दे रहे हैं। उनका कहना है कि यूक्रेन सरकार ने इसकी परमिशन नहीं दी है ऐसे में वह उन लोगों को अभी वही रहना होगा। उन्होंने बताया कि हर समय वहां गोला बारूद कितनी रहता है और किसी भी समय 700 भारतीय छात्रों की जान जा सकती है। दीपिका ने बताया कि यहां बनकर से निकलना भी मुश्किल हो गया है। भारतीय सरकार और पीएम नरेंद्र मोदी से अपील की है कि इस मामले में हस्तक्षेप का जल्द से जल्द सभी छात्रों को इंडिया लाने की मुहिम तेज की जाए

