महाराष्ट्र में उद्धव सरकार और बागियों के बीच लुका छुपी का खेल ख़त्म हो गया है, दोनों ही तरफ से अब आर पार का मामला हो गया है, बाग़ी गुट जहाँ सुप्रीम कोर्ट पहुँच गया है वहीँ उद्धव सरकार ने भी वार्निंग के बाद एक्शन लेना शुरू कर दिया है. जानकारी के मुताबिक मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने एकनाथ शिंदे समेत सभी बाग़ी मंत्रियों को मंत्री पद से हटाकर उनके विभाग दूसरे मंत्रियों को सौंप दिए हैं. सरकार की तरफ से कहा गया है कि कई मंत्री काफी दिनों से अपने विभाग में नहीं पहुंचे हैं इसलिए जनता का काम प्रभावित हो रहा है जिसकी वजह से कैबिनेट में फेरबदल आवश्यक हो गयी है ताकि महाराष्ट्र की जनता को परेशानी न हो.
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जिन बाग़ी मंत्रियों के विभाग दूसरे मंत्रियों को सौंपे गए हैं उनमें सबसे महत्वपूर्ण शहरी विकास, लोक निर्माण (सार्वजनिक उद्यम) विभाग है जो पहले एकनाथ शिंदे के पास था और अब सुभाष देसाई को को दिया गया है. जलापूर्ति और स्वच्छता विभाग गुलाबराव रघुनाथ पाटिल से छीनकर अनिल दत्तात्रेय परब को सौंपा गया है, कृषि और भूतपूर्व सैनिक कल्याण विभाग (रोजगार) संदीपन आसाराम भुमारे को दिया गया है जो पहले दादाजी दगडू भूसे के पास था. वहीं आदित्य ठाकरे को बागवानी विभाग व और उदय सामंत को उच्च व तकनीकी शिक्षा विभाग मिला है.
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इसी तरह राज्य मंत्रियों के विभागों में फेरबदल किया गया है. गृह राज्यमंत्री (ग्रामीण) से शंभुराजे देसाई को हटाकर अब संजय बांसोड़े को बनाया गया है. विश्वजीत कदम को वित्त, नियोजन, कौशल्य विकास और उद्यमिता विभाग की ज़िम्मेदारी मिली है. स्टेट एक्साइज डिपार्टमेंट सतेज पाटिल को दिया गया है. प्रजक्त तानपुरे को मेडिकल एजुकेशन और टेक्सटाइल विभाग सौंपा गया है. सांस्कृतिक कार्य विभाग अदिति तटकरे संभालेंगे. महिला एवं बाल विकास विभाग का जिम्मा संजय बांसोडे को मिला है और दत्तात्रय भरने को OBC वेलफेयर विभाग की ज़िम्मेदारी सौंपी गयी है.
