Site icon Buziness Bytes Hindi

उदयपुर कन्हैयालाल हत्याकांड : एसटीएफ को मिले विदेशी साजिश के संकेत,संदिग्ध नंबर सर्विलांस पर

जयपुर। नुपुर शर्मा के समर्थन में सोशल मीडिया पर पोस्ट वायरल करने को लेकर उदयपुर में गत मंगलवार को कन्हैयालाल की गर्दन काटकर बर्बर तरीके से की गई हत्या के तार अब पाकिस्तान से जुड़ रहे हैं। प्रदेश के पुलिस महानिदेशक एमएल लाठर ने यह जानकारी दी है। हत्या के मामले में पकड़ा गया गौस मोहम्मद पाकिस्तान के कट्टरपंथी संगठन दावत-ए-इस्लामी से जुड़ा है और वर्ष 2014 में कराची गया था। पूरे प्रकरण की जांच कर रही एसटीएफ को विदेशी साजिश के संकेत मिले हैं। 

Read also: सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से पूछा, राजीव गांधी हत्याकांड के दोषी को क्यों नहीं रिहा किया जा सकता?

एसटीएफ की जांच में कन्हैया लाल हत्याकांड के विदेशी लिंक सामने आ रहा है। रियाज अख्तरी के संबंध भी दावत-ए-इस्लामी से हैं वह पाकिस्तान गया था। वहां से लौटकर उसने युवाओं को भड़काने की बात खुद स्वीकारी है। वहीं इस मामले में पुलिस ेन तीन और लोगों को गिरफ्तार किया है। जांच की कमान एनआइए ने अब पूरी तरह से संभाल ली है। गौरतलब है दोनों कटटरपंथी युवकों ने गत मंगलवार को दुकान में घुसकर धारदार हथियार से कन्हैयालाल की हत्या की थी। घटना और उसके बाद खून से सने धारदार हथियार लेकर वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर पोस्ट किया था।

जांच एजेंसियों ने दस मोबाइल नंबर ट्रेस किए। जिनकी लोकेशन पाकिस्तान से लेकर भारत तक में मिली है। इन नंबरों से दोनों हत्यारों की बातचीत होती थी। प्रदेश के गृह राज्यमंत्री राजेंद्र सिंह यादव ने भी बताया कि दोनों हत्यारों के  कट्टरपंथियों और आतंकियो से संबंध के सुबूत मिले हैं। दोनों ही पाकिस्तान और अरब देशों के संपर्क में थे। दोनों के मोबाइल में पाकिस्तान के अलावा अरब देशों के फोन नंबर पाए गए हैं। दोनों आठ साल पहले 45 दिन तक कराची में रहकर आए थे। दोनों हत्यारोपी नेपाल के रास्ते पाकिस्तान गए थे।

डीजीपी लाठर ने माना कि इस पूरे मामले में पुलिस से चूक हुई है। 10 जून को कन्हैयालाल के खिलाफ पोस्ट वायरल करने पर धानमंडी थाने में मामला दर्ज किया था। 11 जून को उसको गिरफ्तार करने के बाद अगले दिन जमानत पर छोड़ दिया था। 15 जून को कन्हैया लाल ने थाने में तहरीर दी थी कि कुछ लोग उसका पीछा करते हैं। उसने उसको जान का खतरा है। इस मामले में थाना प्रभारी ने समय रहते कार्रवाई नहीं की थी। लापरवाही पर पुलिस निरीक्षक को निलंबित कर दिया है। वहीं अब थाना प्रभारी को निलंबित कर दिया है। 

Read also: प्रयागराज हत्याकांड मामले में टीएमसी पहुंची एनएचआरसी, सीबीआई जांच की मांग

उच्चाधिकारियों का मानना है कि कन्हैयालाल की हत्या का षड्यंत्र पहले से रचा था। रियाज और गौस ने वाट्सएप ग्रुप बना रखा था, जिसके जरिये ये भड़काऊ वीडियो भेजकर लोगों का ब्रेनवाश करते थे।

सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि जिस तरीके से कन्हैयालाल की हत्या की है वो तालिबानी तरीका है। रियाज ने एक साल पहले भी उदयपुर में लोगों को भड़काने का काम किया था। भीलवाड़ा का रहने वाला रियाज बीस वर्ष से उदयपुर में रह रहा है।

Exit mobile version