देहरादून। सुप्रीम कोर्ट का जज बताकर ठगी करने वाले गिरोह के दो अपराधियों को राजधानी पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी के नाम मनोज और राजीव अरोड़ा हैं। दोनों को पुलिस और एसटीएफ की संयुक्त टीम ने नोएडा इलाके से गिरफ्तार किया है। एसटीएफ देहरादून द्वारा थाना कोतवाली पर सूचना दी थी कि देहरादून में एक गिरोह सक्रिय है। जो सुप्रीम कोर्ट जज की फोटो अपने मोबाइल की डीपी पर लगा कर भारत सरकार मंत्रालयों एवं राज्य सरकार के मंत्रालयों एवं विभिन्न वरिष्ठ अधिकारियों को अपने प्रभाव में लेकर आम लोगों के काम करवाने के एवज में ठगी करने का प्रयास कर रहे हैं।
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सूचना पर थाना कोतवाली नगर में मुकदमा दर्ज किया गया था। इसके बाद इनकी धरपकड़ के लिए एक टीम का गठन किया गया। जिसमें जांच-पड़ताल कर पाया गया कि नोएडा एवं दिल्ली के आसपास ऐसा गिरोह सक्रिय है। जो जज-अधिकारी और मंत्री के पद एवं नाम का उपयोग कर और उनकी फोटो को मोबाइल डीपी पर लगाकर अपना मोबाइल नम्बर पर ट्रू कॉलर पर उनके नाम रजिस्ट्रेशन करता है। इस गिरोह ने कई लोगों से काम करवाने के बदले मोटी धनराशि भी ली है। ऐसा एक मामला देहरादून का है।
जहां भूमाफिया से मिलकर आरोपियों ने उत्तराखंड सचिवालय में वरिष्ठ आईएएस को निशाना बनाया। दोनों आरोपियों ने अधिकारी से मुलाकात की थी। इन दोनों का मकसद जमीन के मामलों में ठगी करने का था। जमीन खाली करवाने के लिए दोनों आरोपियों को भूमाफिया से 50 लाख रुपए मिलने वाले थे। मगर उससे पहले दोनों आरोपी पुलिस के हत्थे चढ़ गए। दोनों पर दिल्ली में भी मुकदमे दर्ज हैं। गिरफ्तारी के बाद दोनों की तलाशी शुरू की गई और दोनों के पास से मिले मोबाइल फोन चेक किए गए तो पता चला कि दोनों के मोबाइल नंबर पर कई मंत्रालयों के नंबर एवं कई वीआईपी के नंबर हैं। पुलिस पूछताछ में पता चला कि अभियुक्त मनोज कुमार और राजीव अरोड़ा बचपन के दोस्त हैं। ये दोनों पहले लोगों को विदेश भेजने के नाम पर फर्जी पासपोर्ट व वीजा बनवाते थे। दोनों कई बार जेल भी जा चुके हैं।
