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President of bharat:‘भारत की राष्ट्रपति’ पत्र से पक्ष-विपक्ष में मचा ‘इंडिया’ को लेकर घमासान

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President of bharat: घटना Union Home Minister अमित शाह द्वारा Lok Sabha में भारत न्याय संहिता सहित तीन
bill पेश किए जाने के तीन हफ्ते बाद हुई। भारत मंडपम में आधिकारिक रात्रिभोज के लिए जी20 प्रतिनिधियों को भेजे राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के न्योते ने पूरे देश में सियासी बवाल मचाया है। जी20 देशों के राजनेताओं के सम्मान में होने वाले इस भोज के निमंत्रण पत्र में अभी तक चल रही परंपरा से अलग राष्ट्रपति को ‘प्रेसिडेंट ऑफ इंडिया’ के बजाय ‘प्रेसिडेंट ऑफ भारत’ कहा है। इसी पर विवाद हो गया है। विपक्ष ने इस कदम के पीछे सरकार की मंशा पर अटकलें लगानी शुरू कर दी हैं।

नए गठवंधन से सत्तारूढ़ भाजपा की घबराहट का सबूत

केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने ‘औपनिवे​शिक मानसिकता’ का प्रतीक नाम हटाने के लिए मुर्मू को धन्यवाद दिया। इस पर विपक्ष के कुछ नेताओं ने इस कदम को विपक्ष के नए गठवंधन से सत्तारूढ़ भाजपा की घबराहट का सबूत बताया। विपक्षी दलों ने इंडियन नेशनल डेवलपमेंट इन्क्लूसिव अलायंस (इंडिया) नाम से नया गठजोड़ बनाया। कुछ ने इसे महंगाई जैसे मुद्दों से ध्यान भटकाने का प्रयास बताया।

कांग्रेस के नेता ने आशंका जताई कि सरकार संविधान का अनुच्छेद 1 (1) बदलने की तैयारी में है। अनुच्छेद 1 में कहा है कि इंडिया अर्थात भारत राज्यों का संघ होगा। जिसे संविधान सभा ने 18 सितंबर, 1949 को अंगीकार किया गया था। इसे संयोग ही कहा जाएगा कि संसद का 5 दिन का विशेष सत्र 18 सितंबर से ही शुरू हो रहा है। मगर सरकार ने इस बारे में कोई पुष्टि नहीं की है।

देश का आधिकारिक नाम भारत

निमंत्रण पत्र पर सफाई देते हुए अ​धिकारियों ने बताया कि जी20 प्रतिनि​धियों के लिए ‘भारत लोकतंत्र की जननी’ (भारत द मदर ऑफ डेमोक्रेसी) शीर्षक से पु​स्तिका तैयार की है। जिसमें कहा है कि देश का आधिकारिक नाम भारत है। इसका उल्लेख संविधान में है और 1946 से 1948 के दौरान की गई चर्चा में है।

क्रिकेटर वीरेंद्र सहवाग ने भी मांग की

इस बीच क्रिकेटर वीरेंद्र सहवाग ने भी मांग की है कि इसी साल होने वाले क्रिकेट विश्व कप में भारतीय टीम की जर्सी पर ‘इंडिया’ की जगह ‘भारत’ नाम लिखवाया जाए। उन्होंने सोशल नेटवर्किंग साइट एक्स पर ‘भारत माता की जय’ संदेश पोस्ट किया। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने सोशल नेटवर्किंग साइट ‘एक्स’ पर पोस्ट में कहा कि अब संविधान के अनुच्छेद 1 में पढ़ा जा सकता है। भारत जो इंडिया था वो राज्यों का एक संघ होगा। लेकिन अब इस ‘राज्यों के संघ’ पर हमले हो रहे हैं। उन्होंने याद दिलाया कि मोदी सरकार ने डिजिटल इंडिया, स्टार्टअप इंडिया आदि लेकर आई थी। जिसके बाद कांग्रेस की प्रतिक्रिया Bharat Jodo Yatra थी।

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