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हिंसा नहीं रुकी तो सेना तैनात करेंगे ट्रंप


हिंसा नहीं रुकी तो सेना तैनात करेंगे ट्रंप

अमेरिका में जॉर्ज फ्लॉयड की मौत 25 मई को हो गई थी. इसके बाद से इंसाफ के लिए अश्वेतों का प्रदर्शन जारी है. पुलिस को व्हाइट हाउस के पास प्रदर्शन कर रहे लोगों को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस और रबर बुलेट का इस्तेमाल किया. इस बीच, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हिंसा को रोकने के लिए सेना को तैनात करने की चेतावनी दी है. ट्रंप ने कहा कि अगर राज्यों ने हिंसा रोकने से इनकार किया तो मैं अमेरिकी सेना तैनात करूंगा ताकि लोगों के अधिकारों, संपत्ति और जान की सुरक्षा की जा सके.

140 शहरों तक पहुंची हिंसा
फ्लॉयड की मौत के खिलाफ हिंसक प्रदर्शनों की आग अमेरिका के 140 शहरों तक पहुंच गई है, जिसे देश में पिछले कई दशकों में सबसे खराब नागरिक अशांति माना जा रहा है.उधर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने देश के प्रमुख शहरों में हो रहे हिंसक प्रदर्शनों को तुरंत रोकने का आह्वान करते हुए कहा कि राज्यों के गवर्नरों को नेशनल गार्ड की तैनाती करनी चाहिए यदि वे ऐसा करने से मना करते हैं तो वह सेना की तैनाती करेंगे. मेयरों और गवर्नरों को हिंसा पर काबू पाने तक कानून का कड़ाई से पालन करना चाहिए.

क्या था पूरा मामला?
मिनेसोटा राज्य के मिनीपोलिस शहर में जॉर्ज फ्लॉयड पर धोखाधड़ी का आरोप लगा था. 25 मई को पुलिस ने शॉपकीपर को 20डॉलर के नकली नोट देने के आरोप में गिरफ्तार किया था. पुलिस का दावा है कि फ्लॉयड गिरफ्तारी में बाधा डाल रहे थे और पुलिस की कार में बैठने से इन्कार कर रहे थे. पुलिस ने फ्लॉयड पर ‘जानबूझकर गिर जाने’ का भी आरोप लगाया है.

वीडियो दे रहा कुछ और गवाही
वायरल वीडियो से पुलिस की पोल खुल गई है. वायरल वीडियो में दिख रहा है कि एक श्वेत पुलिस अफसर ने फ्लॉयड की गर्दन पर अपना घुटना रख दिया था. फ्लॉयड को सांस लेने में दिक्कत हो रही थी और वो कह रहे थे- मैं सांस नहीं ले पा रहा हूं . फ्लॉयड के बेहोश होने के बाद भी पुलिस अफसर उनकी गर्दन पर घुटना रखा रहा. उसके बाद एक एम्बुलेंस में फ्लॉयड को अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया.

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