इंटरनेशनल डेस्क – 7 जुलाई को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 14 देशों पर भारी टैरिफ लगाने का ऐलान कर दिया। लेकिन इसमें भारत का नाम नहीं है, जिससे साफ संकेत मिल रहा है कि भारत-अमेरिका के बीच व्यापार समझौते पर बातचीत अच्छी चल रही है।
ट्रंप ने कहा कि जापान, साउथ कोरिया, इंडोनेशिया, बांग्लादेश, मलेशिया, थाईलैंड, दक्षिण अफ्रीका जैसे देशों से अमेरिका में आने वाले माल पर 25% से 40% तक टैरिफ लगाया जाएगा।
लेकिन खास बात यह है कि ट्रंप ने अभी टैरिफ लागू नहीं किया है। उन्होंने इसकी डेडलाइन 1 अगस्त तय की है और कहा कि वह इसे आगे बढ़ा भी सकते हैं। यानी अभी भी बातचीत की पूरी गुंजाइश है।
ट्रंप का दोहरा रवैया
ट्रंप का कहना है कि वह टैरिफ लगाना नहीं चाहते, बल्कि इन देशों से ट्रेड डील करना चाहते हैं। उन्होंने खुद कहा, “मैं डेडलाइन को लेकर दृढ़ हूं, लेकिन 100% नहीं।”
टैरिफ क्यों लगाए जा रहे हैं?
ट्रंप का कहना है कि इन देशों के साथ अमेरिका के व्यापार रिश्ते बराबरी (reciprocal) पर नहीं हैं। इसलिए अमेरिका को नुकसान हो रहा है।
ट्रंप की मजबूरी क्या है?
ट्रंप ने चुनाव में वादा किया था कि वो 90 दिनों में 90 डील करेंगे।
अब तक उनके 181 दिन पूरे हो चुके हैं, लेकिन सिर्फ दो डील (ब्रिटेन और वियतनाम) ही हो पाई हैं।
चीन के साथ भी टैरिफ को लेकर डील की बात चल रही है, लेकिन अभी तक कोई फाइनल समझौता नहीं हुआ।
अब आगे क्या?
अगर 1 अगस्त तक डील नहीं हुई तो ट्रंप टैरिफ लागू कर सकते हैं।
लेकिन अगर बातचीत सफल रही तो टैरिफ टल सकते हैं और नई ट्रेड डील्स का ऐलान हो सकता है।
