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दिल्ली आकर कुर्सी बचा ले गए त्रिवेंद्र सिंह रावत!


दिल्ली आकर कुर्सी बचा ले गए त्रिवेंद्र सिंह रावत!

देहरादून: उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत की कुर्सी बचती हुई नज़र आ रही है, बीजेपी अध्यक्ष जे पी नड्डा से मुलाकात के बाद वह देहरादून लौट गए हैं। माना जा रहा है कि रावत पार्टी के अंदर अंसतोष दूर करने के लिए अपने मंत्रिमंडल का भी विस्तार कर सकते हैं। वैसे खबर यह भी है कि आलाकमान ने उन्हें और उनके कुछ मत्रियों के कामकाज करने के तरीके पर नाराज़गी भी जताई और चेतावनी भी दी|

वहीँ प्रदेश भाजपा के मुख्य प्रवक्ता मुन्ना सिंह चौहान ने कहा, ‘‘जहां तक मेरी जानकारी है उसके हिसाब से कल यहां पार्टी विधायक दल की किसी भी बैठक की अब तक औपचारिक घोषणा नहीं की गयी है।’’

लेकिन जब उनसे यह प्रश्न किया गया कि जैसा कि राजनीतिक मोर्चे पर अचानक बदलते घटनाक्रम से संकेत मिल रहे हैं, उसके हिसाब से उत्तराखंड में कोई बड़ा बदलाव तो नहीं होने जा रहा है, तो उन्होंने कहा, ‘‘देखते हैं।’’

इस बीच, बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत का बयान आया है कि अगले साल होने वाला विधान सभा चुनाव त्रिवेन्द्र रावत के चेहरे पर ही होगा।

गौरतलब है कि उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत सोमवार को दिल्ली पहुंचे और भाजपा के केंद्रीय नेताओं से मुलाकात की। दरअसल ऐसी अटकलें हैं कि भाजपा राज्य में राजनीतिक बदलाव पर विचार कर रही है।

समझा जाता है कि दो केंद्रीय नेताओं– भाजपा उपाध्यक्ष रमन सिंह और महासचिव दुष्यंत सिंह गौतम ने उत्तराखंड से वापस लाने पर पार्टी अध्यक्ष जे पी नड्डा को अपनी रिपोर्ट सौंपी है। ये दोनों नेता प्रदेश भाजपा के कोर ग्रुप के नेताओं से बातचीत करने उत्तराखंड आये थे।

राज्य के नेताओं का एक वर्ग कथित तौर पर रावत के नेतृत्व से नाराज है और उनका विचार है कि उनके तहत पार्टी की चुनावी संभावनाएं बहुत उज्ज्वल नहीं हो सकती हैं।

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