Indian Railways: ट्रेनों में खाली बर्थ की मिलेगी रियल टाइम जानकारी, रोजना सात हजार यात्रियों को होगा फायदा

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नई दिल्ली। रेलवे ने अब ट्रेन में चलने वाले टीटीई एक विशेष प्रकार की डिवाइस से लैस किया है। इस डिवाइस का नाम है एचएचटी यानी हैंड-हेल्ड टर्मिनल। इस डिवाइस के माध्यम से अब टीटीई को रिजर्वेशन बर्थ की प्रत्येक जानकारी अपलोड करनी होगी। जिसके बाद वेटिंग में यात्रा कर रहे यात्रियों को तुरंत इसका लाभ होगा। अधिकांश ट्रेनों में यह डिवाइस टीटीई को उपलब्ध करा दी गई। आने वाले एक दो सप्ताह में सभी लंबी दूरी की ट्रेनों में इस एचएचटी डिवाइस को उपलब्ध करा दिया जाएगा। इस एचएचटी डिवाइस का उपयोग डिजिटल भुगतान के अलावा यात्रियों से अतिरिक्त किराया, जुर्माना और अन्य शुल्क वसूलने के लिए किया जाएगा। यह ट्रेन में यात्रा करने वाले हर यात्री के लिए फायदेमंद होगी। वहीं इसका सबसे अधिक लाभ उन यात्रियों को मिलेगा जिनका टिकट वेटिंग में रहता है और उनको यात्र के दौरान सीट नहीं मिल पाती है। वहीं अब चलती ट्रेन में यात्रियों को आरएसी टिकट कन्फर्म करवाने के लिए भी टीटीई के चक्कर नहीं काटने पड़ेगे। बता दें कि इस एचएचटी डिवाइस यानी हैंड-हेल्ड टर्मिनल की व्यवस्था लागू होने के बाद पिछले कई महीनों में हजारों यात्रियों को प्रतिदिन लाभ मिला है। इस डिवाइस के माध्यम से एक दिन में करीब 10 हजार लोगों की वेटिंग टिकट कन्फर्म हुई है।  

दरअसल, रेलवे की ये नई डिवाइस हैंड-हेल्ड टर्मिनल यानी एचएचटी जो आईपैड के आकार में है। इसमें पहले से लोड की गई ट्रेनों के लिए यात्री रिजर्वेशन चार्ट होते हैं। एचएचटी डिवाइस के माध्यम से पहले की तरह कागजी चार्ट से गुजरने के बजाय टिकट चेकिंग कर्मचारी बुकिंग पर रीयल-टाइम अपडेट के लिए इनके माध्यम से सीटों की जानकारी अपडेट की जा सकेगी। ट्रेन में टीटीई के पास एचएचटी डिवाइस इंटरनेट से युक्त होती है। टीटीई जैसे ही किसी श्रेणी में खाली बर्थ मार्क करेगा। एचएचटी में दर्ज होते ही ये रेलवे स्टेशनों के पीआरएस और आईआरसीटीसी की वेबसाइट में दर्ज हो जाएगी। इसके साथ ही सबसे पहले अपने आप ही ट्रेन में वेटिंग या आरएसी टिकट शुरुआती नंबर के क्रम से कन्फर्म होते रहेंगे। अगर कन्फर्म होने के बाद बर्थ खाली रहती हैं, तो रास्ते में पड़ने वाले स्टेशनों में या ऑनलाइन ट्रेन के टिकट बुक किए जा सकते हैं। अभी तक इस प्रकार की सीटें ट्रेन में खाली रहती थीं। खाली सीट वेटिंग या आरएसी नंबर और श्रेणी के अनुसार स्वतः कन्फर्म होती जाएंगी। 

रेलवे के एक अधिकारी ने जानकारी दी है कि आरएसी या वेटिंग लिस्ट वाले यात्री रियल टाइम के आधार पर खाली बर्थ की उपलब्धता के बारे में एचएचटी ले जाने वाले टीटीई से इस बारे में संपर्क कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि इससे चलने वाली ट्रेनों में सीट के आवंटन में पारदर्शिता आती है। बता दें कि अभी तक अधिकांश ट्रेनों में टीटीई चार्ट लेकर रिजर्वेशन टिकटों की चेकिंग करते हैं। जिस बर्थ पर यात्री नहीं पहुंचता है। वह उसे मार्क करते हैं। इसके बाद खाली सीट किसी वेटिंग या आरएसी को वाले को देते हैं। यह टीटीई पर निर्भर करता है। कई बार टीटी कंफर्म करने के नाम पर सौदेबाजी भी करते थे। रेलवे इस तरह की व्यवस्था और भ्रष्टाचार को खत्म करने के लिए अब टीटीई को एचएचटी डिवाइस सौंप रहा है। रेलवे मंत्रालय के मुताबिक सामान्य दिनों में प्रतिदिन 12.5 लाख रिजर्वेशन देशभर में होते हैं। जब सभी मेल, एक्सप्रेस ट्रेनों में एचएचटी डिवाइस से टिकटों की जांच की जाएगी तो कन्फर्म होने वाले टिकटों का आंकड़ा और अधिक बढ़ जाएगा।

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