पिछले लंबे समय से भारतीय रेलवे बैंगलुरु के बयापनहल्ली में एक नया आर्ट कोचिंग टर्मिनल बना रहा है, जो कि कई सारी आधुनिक सुविधाओं से लबरेज है। कहा जा रहा है कि यह भारत का पहला केंद्रीकृत एसी स्टेशन होगा। दक्षिण पश्चिमी रेलवे के अनुसार फरवरी तक यह टर्मिनल बनकर तैयार हो सकता है क्योंकि पहले ही इस टर्मिनल को पूरा करने में बहुत देरी हो चुकी है।
अधिकारियों के मुताबिक इस टर्मिनल की योजना 2015-16 में ही क्रिया में आ चुकी थी, जिसका कि लक्ष्य था कि मई 2020 तक इसे पूरा कर दिया जाए लेकिन कोरोना के कारण दिन-ब -दिन इसके काम में देरी होती गई। सूत्रों के मुताबिक अब कहा जा रहा है कि फरवरी के अंत तक यह टर्मिनल पूर्ण रूप से तैयार हो चुका होगा।
दक्षिण पश्चिमी रेलवे मुख्य जनसंपर्क अधिकारी के अनुसार टर्मिनल 4 हजार 200 स्क्वेयर मीटर का है और टर्मिनल पर प्रतिदिन आराम से 50,000 यात्री आ सकते हैं। टर्मिनल पर सात प्लेटफॉर्म, आठ स्टेबलिंग लाइन और तीन पिट लाइन होंगी। प्रतिदिन यहां से 50 रेल गुजर सकेंगी। इस टर्मिनल से मुंबई, चेन्नई के अलावा लंबी दूरी की कई सारी रेल चल सकेंगी।
टर्मिनल का निर्माण ही कुछ इस प्रकार किया गया है कि यात्रियों को अधिक से अधिक सुविधाएं मिल सकें। यहां पर एयर कंडीशनर लॉबी, यात्री प्रतीक्षालय, वीआईपी लॉज और फूड कोर्ट भी होगा। चार लाख लीटर की क्षमता का यहां एक वॉटर रिसाइक्लिंग प्लांट भी तैयार किया गया है और वॉटर हार्वेस्टिंग के लिए भी सारे प्रबंध किए गए हैं।
रेल एक्टिविस्ट के.एन. कृष्ण प्रसाद के अनुसार अन्य रेलवे प्रोजेक्ट्स के मुकाबले इसे तैयार करने में वाकई बहुत ज्यादा देरी हो गई है और जल्द से जल्द अब इसका कार्य पूरा कर इसका उद्घाटन होना चाहिए। सूत्रों के अनुसार इस प्रोजेक्ट की लागत लगभग 314 करोड़ रूपये हैं और इस आधुनिक टर्मिनल का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों हो सकता है।

