केंद्र सरकार के नए ‘हिट एंड रन’ कानून के खिलाफ पूरे देश में ट्रक और डम्पर चालकों ने आंदोलन छेड़ रखा है, ड्राइवरों की हड़ताल और चक्का जाम का आज दूसरा दिना है। इस चक्का जाम से पूरा ट्रांसपोर्ट सिस्टम ठप्प हो गया है। सड़कों के किनारे ट्रकों की लम्बी लाइने नज़र आ रही हैं. ट्रक और डम्पर चालकों की हड़ताल का असर मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा और महाराष्ट्र तक देखा जा रहा है। पेट्रोल पंपों पर लंबी लम्बी कतारें देखने को मिल रही हैं. तीन जनवरी तक चलने वाली इस हड़ताल ने लोगों की ज़िन्दगी को काफी प्रभावित किया है. चालकों और पुलिस के बीच कई जगह से झड़पों की भी ख़बरें आ रही हैं, इन जगहों पर ट्रक चालकों ने ट्रकों को सड़कों पर खड़ाकर जाम लगा दिया है और पुलिस उस जाम को खुलवा रही है।
बता दें कि नए ‘हिट एंड रन’ कानून के मुताबिक अगर कोई ट्रक ड्राइवर किसी को कुचलकर भाग जाता है तो उसे 10 साल की जेल के साथ ही 7 लाख रुपये जुर्माना भी देना होगा। पुराने कानून में दो साल की सजा का प्रावधान था और कुछ ही दिनों में ड्राइवर को जमानत मिल जाती थी। अब बदले हुए कानून को लेकर ट्रक चालकों का कहना है कि ये गलत है और इसे सरकार वापस ले. उनका कहना है कि वो कहाँ से इतना लम्बा जुर्माना भरेंगे और इतनी लम्बी सजा पर उनके परिवार का क्या होगा। इन लोगों का कहना है कि कोई भी ड्राइवर जानबूझकर किसी को नहीं कुचलता, अधिकांश मामलों में सामने वाले की ही गलती होती है. अधिकांश चालक कानूनी पचड़ों में फंसने से बचने के लिए घटनास्थल से भागते हैं क्योंकि उनकी आजीविका की कोई गारंटी नहीं, ट्रांसपोर्टर भी अपने हाथ खींच लेता है. इस तरह की दुर्घटना के मामलों से बचने के लिए वो भी घटना स्थल से निकलने की सलाह देता है क्योंकि उसका ट्रक भी सीज़ हो जाता है।
मध्य प्रदेश में ट्रक चालकों की हड़ताल का सबसे ज़्यादा असर देखा जा रहा है। यहां पेट्रोल पंप पर भारी भीड़ क्योंकि हड़ताल के कारण दूसरे राज्यों से ईंधन आने में परेशानी हो रही है। कल इंदौर में पुलिस और ट्रक चालकों में झड़प भी देखने को मिली। चालकों ने पुलिस वालों की मिलकर पिटाई भी की जिसके बाद 40 चालकों को हिरासत में ले लिया गया. महाराष्ट्र में भी ट्रक चालक नए कानून के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं, सड़कों पर आड़े तिरछे ट्रक खड़े होने की वजह से लंबा जाम लग गया है। चालकों की हड़ताल का असर उत्तर प्रदेश में भी देखा जा रहा है और यहाँ भी लोगों में अपने वाहनों के ईंधन टैंक फुल कराने की होड़ लगी हुई है.