चुनावी राजनीति की भी कैसी मजबूरी होती है, अजीबो गरीब घोषणाएं करने पर मजबूर कर देती है. गुजरात में भी चूँकि चुनाव होने वाले हैं इसलिए यहाँ भी सत्ताधारी भाजपा सरकार के मंत्री इसी तरह के बयान दे रहे हैं, घोषणाएं कर रहे हैं. ऐसी ही एक घोषणा गुजरात के गृह मंत्री की तरफ से हुई है और इस घोषणा में लोगों को एक हफ्ते तक ट्रैफिक नियमों को तोड़ने की छूट प्रदान की गयी है, घोषणा के अनुसार 27 अक्टूबर तक कोई चाहे जितनी बार भी चाहे ट्रैफिक नियमों का बेख़ौफ़ होकर उल्लंघन कर सकता है, उसपर किसी तरह का कोई जुर्माना नहीं ठोका जायेगा.
दरअसल सूरत में एक कार्यक्रम में बोलते हुए गुजरात के गृह मंत्री हर्ष संघवी ने लोगों को यह छूट दीवाली के त्यौहार को लेकर दी. उन्होने कहा कि ट्रैफिक पुलिस 27 अक्टूबर तक ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन के लिए जुर्माना नहीं वसूलेगी। गृहमंत्री ने कहा कि ट्रैफिक नियम तोड़ने पर यातायात पुलिस नियम तोड़ने वाले को जुर्माने की जगह सिर्फ नियम न तोड़ने की सलाह देगी। गुजरात के गृह मंत्री की इस घोषणा पर सोशल मीडिया में ज़बरदस्त आलोचना हो रही है कि सरकार द्वारा नियमों को तोड़ने वालों का उत्साहवर्धन किया जा रहा है.
गुजरात के गृहमंत्री की इस घोषणा को लोग विधानसभा चुनाव से जोड़कर देख रहे हैं. यह भी अपने आप में शायद पहला मामला होगा जब सरकार द्वारा नियमों को तोड़ने वालों को छूट देने की बात कही गयी होगी। आम तौर भर त्योहारी दिनों में बाज़ारों में ज़्यादा भीड़ होने की वजह से ट्रैफिक रूल्स ज़्यादा टूटते हैं, सरकार भी यह बात जानती है और यातायात पुलिस भी और इसीलिए वह ऐसे मामलों में नरमी बरतती है लेकिन आधिकारिक तौर इस तरह का एलान कभी नहीं हुआ. लेकिन बात फिर चुनाव की आ जाती है और वह सारे नियम और कानूनों पर भारी पड़ जाती है.

