कोरोना वायरस, मंकीपॉक्स, डेंगू, चिकनगुनिया के बाद अब बच्चों में टमैटो फ्लू का खतरा तेजी से बढ़ता नजर आ रहा है। केरल से होता हुआ यह वायरस उत्तर प्रदेश में भी अपनी दस्तक दे चुका है। लखनऊ में इस वायरस के 12 मामले रिपोर्ट किए गए हैं। चिकित्सकों का कहना है कि यह एक हाथ, पैर और मुंह की बीमारी है। जिसमें 1 से 9 साल तक के बच्चे तेजी से संक्रमित हो रहे हैं। शासन ने इसको लेकर एडवाइजरी जारी कर दी है। साथ ही सभी राज्यों को अलर्ट रहने के निर्देश भी दिए गए हैं। चिकित्सकों का कहना है यह किसी भी तरह की नई या अलग बीमारी नहीं है। ये एक तरीके का वायरल ही है जिसे एचएफएमडी यानी हैंड, फुट, माउथ डिजीज कहते हैं। यह बीमारी दो वायरस कॉकसेकि वायरस और एंटरोवायरस के मिलने से होती है। वायरस की म्यूटेशन के चलते यह बीमारी खतरनाक भी हो सकती है।
उभर रहे टमाटर जैसे लाल चकत्ते
चिकित्सकों का कहना है कि इस बीमारी को टमाटर फ्लू या टमैटो फ्लू इसलिए कहा जाता है कि क्योंकि इसमें बच्चों के त्वचा पर टमाटर जैसे लाल चकत्ते उभर रहे हैं। शुरुआती स्तर पर यह छोटे होते हैं किंतु धीरे-धीरे इनका आकार बढ़ने लगता है और फफोले उभर जाते हैं। इस बीमारी में बच्चों में तेज बुखार, भूख ना लगना, थकान महसूस होना, गले में खराश जैसे लक्षण सामने आ रहे हैं। इस बीमारी के लक्षण भी डेंगू और चिकनगुनिया की तरह ही मिल रहे हैं। चिकित्सकों का कहना है कि इसके लिए अभी कोई अलग से दवाई उपलब्ध नहीं है। ऐसे में सहायक उपचार का ही प्रयोग किया जा रहा है। साथ ही संदिग्ध मरीजों को क्वॉरेंटाइन करने की भी सलाह दी जा रही है। इस वायरस का संक्रमण बहुत तेजी से फैलता है। कुछ मामलों में बच्चों के मुंह के अंदर भी फोड़े पनप रहे हैं।
बचाव ही उपचार
चिकित्सकों का कहना है कि यह बीमारी संक्रमण से फैलती है। और नजदीकी संपर्क, गंदगी, दूसरों के कपड़े, छूने से फैल सकती है। लक्षण मिलने पर बीमारी को गंभीरता से लिया जाना बहुत आवश्यक है। चिकित्सकों का कहना है कि फिलहाल बचाव ही इसका उपचार है। ऐसे में जरूरी है कि बच्चों को साफ-सफाई और किसी भी तरह के के संक्रमण से बचा कर रखें।
100 से अधिक मामलों में पुष्टि
टमाटर फ्लू का सबसे पहला मामला देश में केरल के कोल्लम जिले में 6 मई 2022 को रिपोर्ट किया गया था। उसके बाद 26 जुलाई को केरल के 82 बच्चों में इस वायरस की पुष्टि हुई। जबकि देश में अब तक इसके 100 से अधिक मामले सामने आ चुके हैं। हरियाणा, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश में भी अब यह वायरस तेजी से फैल रहा है। केरल के बाद सबसे अधिक मामले उड़ीसा में रिपोर्ट किए गए हैं केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने सभी राज्यों को इससे संबंधित एडवाइजरी जारी की है। बीमारी, उसके लक्षण और बचाव को लेकर स्वास्थ्य विभाग को लोगों को अलग करने के निर्देश दिए हैं।

