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आज छोटी दिवाली, जानिए कैसे करें पूजा और दीपदान

Diwali Puja Vidhi - Narak Chaturdashi Puja - Diya and Ganesh Lakshmi Puja Vidhi

आज छोटी दिवाली है। मान्यता है कि इस दिन भगवान श्रीकृष्ण ने देवी-देवताओं और मनुष्यों को नरकासुर नामक राक्षस का वध करके मुक्ति दिलाई थी। इसलिए इसे नरक चतुर्दशी भी कहा जाता है।

कई इलाकों में इसे रूप चौदस के रूप में भी मनाया जाता है। इस दिन मां लक्ष्मी, भगवान गणेश, भगवान श्रीकृष्ण और मृत्यु के देवता यमराज की पूजा की जाती है।

कुछ जगहों पर इस दिन मां काली और हनुमानजी की पूजा की जाती है। छोटी दिवाली के दिन लोग स्नान से पहले शरीर पर तेल और उबटन लगाते हैं। फिर स्नान करते हैं।

इस तरह से छोटी दिवाली पर पूजा करें

शाम को शुभ मुहूर्त में एक साफ चौकी पर लाल रंग का कपड़ा बिछाएं। इस पर भगवान श्रीकृष्ण, गणेश, मां लक्ष्मी की स्थापना करें।

सभी देवी-देवताओं का गंगाजल से अभिषेक करें। उन्हें रोली, चंदन, कुमकुम, लाल और पीले रंग के पुष्प, अक्षत और वस्त्र अर्पित करें।

मिठाई और फलों का भोग लगाएं। घी का दीपक जलाकर श्रद्धापूर्वक भगवान गणेश और मां लक्ष्मी की आरती का पाठ करें।

पूजा के बाद यम का दीपक और 14 दीये जलाएं। इसके बाद एक थाली में 14 दीये रखकर उसमें सरसों का तेल भरकर जलाएं।

हिंदू धर्म की परंपरा के अनुसार, छोटी दीवाली की शाम घर के हर कोने और चौखट पर कुल 14 दीये जलाने का विधान है। कुछ लोग 5, 7, 11 या 13 दीये भी जलाते हैं।

इन दीयों को घर के मेन गेट, तुलसी के पौधे के पास, रसोईघर, पूजा स्थल, छत और घर के कोनों पर रखा जाता है। मान्यता है कि ऐसा करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। घर में मां लक्ष्मी का आगमन होता है।

अब जानिए किस समय पूजा करना सही है

छोटी दिवाली 7 नवंबर को सुबह 10 बजकर 47 मिनट से शुरू होगी और 8 नवंबर को सुबह 11 बजकर 27 मिनट पर समाप्त होगी।

छोटी दिवाली की पूजा और दीपदान शाम 5 बजकर 31 मिनट से शाम 5 बजकर 57 मिनट तक कर सकते हैं। हालांकि प्रदोष काल शाम करीब 5 बजकर 31 मिनट से 7 बजकर 57 के बीच रहेगा। इसलिए आप थोड़ा देर से भी पूजा कर सकते हैं।

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