लखनऊ: UP Polls 2022| सातवें चरण (seventh phase) के चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी (SP) मतगणना को लेकर पूरी तरह से सक्रिय हो गई है। पार्टी ने तय किया है कि सभी मतगणना स्थल पर दो – दो अधिवक्ताओं को तैनात किया जाएगा। इसके लिए पूरे प्रदेश में समाजवादी अधिवक्ता संघ को सक्रिय कर दिया गया है। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तर पटेल ने सभी जिला और महानगर अध्यक्षों को पत्र लिखा है, जिसमें कहा गया कि एहतियात के तौर पर ऐसा करना सुनिश्चित करे। जिससे कि जरूरत पड़ने पर उनसे कानूनी सलाह लिया जा सके। समाजवादी पार्टी ने इसको लेकर सभी जिलाध्यक्ष और महानगर अध्यक्ष से नौ मार्च तक सूची मांगी है कि आपके यहां से किसकी तैनाती होगी।
सपा ने इससे पहले निष्पक्ष मतगणना कराने के लिए सपा को ज्ञापन सौंपा था। उसमें स्वतंत्र निष्पक्ष और पारदर्शी मतगणना कराने की मांग की गई थी इसमें कहा गया था कि बीजेपी (BJP) के कई प्रत्याशी सार्वजनिक मंचों पर यह कह रहे हैं कि कम वोट पाने के बाद भी विजय का प्रमाण पत्र उनको ही दिया जाएगा। प्रदेश में 10 मार्च को वोटों को की गिनती होनी है। ऐसे में पहले से सक्रिय पार्टी ने चुनाव आयोग (Election Commission) को ज्ञापन देकर निष्पक्ष मतगणना कराने की मांग की है। दरअसल बिहार चुनाव में जेडीयू महागठबंधन ने ऐसे ही एनडीए पर चुनाव आयोग के साथ मिलीभगत करने का आरोप लगाया था। बिहार में एनडीए और महागठबंधन के बीच 12700 कुछ वोटों का अंतर था लेकिन सीट में काफी अंदर हो गया। इसकी वजह से आरजेडी सरकार नहीं बना पाई थी।
वायरल ऑडियों का दिया गया था उदाहरण
ज्ञापन में सपा की ओर से वायरल ऑडियो का उदाहरण दिया गया था। राजेंद्र चौधरी ने कहा था कि ऊंचाहार से बीजेपी प्रत्याशी अमरपाल महोदय सार्वजनिक मंचो पर बयान दे रहे हैं कि उनसे अधिक वोट भले ही किसी प्रत्याशी को मिल जाए लेकिन जीत का प्रमाण पत्र उन्हें ही मिलेगा। राजेंद्र चौधरी ने कहा कि इसका ऑडियो भी वायरल हो रहा है ऐसे में यह चिंताजनक और गंभीर मामला है।ऊंचाहार से सपा प्रत्याशी और पूर्व कैबिनेट मंत्री मनोज कुमार पांडे का कहना है कि विधानसभा में मतगणना निष्पक्ष कराने के लिए विशेष सतर्कता बरती जाए। यहां तक कि मतगणना हाल में पैरामिलिट्री फोर्स की तैनाती कर दी जाए।

