तिरुपति बालाजी मंदिर को श्री वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर के नाम से भी जाना जाता है। ऐसा माना जाता है की भगवान विष्णु अपनी पत्नी मां लक्ष्मी के साथ यहां विराजमान हैं। ये भव्य मंदिर भगवान विष्णु के 8 स्वयंभू मंदिरों में से एक है।
यह भव्य मंदिर भारतीय वास्तुकला का सुन्दर नमूना है। यहां पर एक गुप्त रसोई है जिसको पोटू के नाम से जाना जाता है। इस गुप्त रसोई में प्रतिदिन 3 लाख लड्डू बनाए जाते हैं।
यहां की मान्यता है कि भगवान वेंकटेश्वर की काले रंग की मूर्ति किसी कारीगर ने नहीं बनाई बल्कि वह जमीन से खुद ही प्रकट हुई थी। और ऐसा भी माना जाता है की इस प्रतिमा से समुद्री लहरों की आवाज सुनाई देती है।
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यहां के लोग ऐसा भी मानते है की जो इंसान अपने मन से सभी पाप को यहां छोड़ जाता है, उस पर देवी लक्ष्मी कृपा बरसाती है | इसी वजह से लोग पापों के रूप में बाल छोड़ जाते हैं। और कई लोग मन्नत पूरी होने पर भी बाल दान करते हैं।

