मेरठ। आईआईएमटी विश्वविद्यालय के कला और मानविकी विभाग में शुक्रवार को तीन दिवसीय कार्यशाला का समापन हुआ। उच्च शिक्षा में व्यावसायिक और नैतिक मूल्यों पर विस्तृत जानकारी विद्यार्थियों को देने के लिए यह कार्यशाला आयोजित की गई थी। तीसरे दिन प्रोफेसर विकास शर्मा ने भारत में बालिका का भविष्य विषय पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने अपने विचारों में प्राचीन काल में महिलाओं की स्थिति से लेकर वर्तमान समय में महिलाओं के सशक्ति तक की बात की। उन्होंने सृष्टि की रचना एवं उत्थान में महिलाओंके योगदान की चर्चा की। उन्होंने प्रत्येक क्षेत्र में भारतीय महिलओं की बुलंदियों और उनके कठिन परिश्रम की भी चर्चा की।
उन्होंने कहा कि महिलाओं को केवल अपने परिवार की ही नहीं वरन् स्वयं की व्यवसायिक प्रगति की ओर भी जागरूक होना चाहिए क्योंकि पारिवारिक प्रगति उनकी स्वयं की प्रगति पर भी निर्भर होती है। उन्होंने अपनी स्वरचित कविताओं का भी पाठ किया। कार्यशाला के अंत में कला एवं मानविकी विभाग के डीन डाॅ. केडी शर्मा ने प्रोफेसर विकास शर्मा का आभार व्यक्त करते हुए उन्हें स्मृति चिन्ह प्रदान किया। उन्होंने आशा जताई कि आगे भी विद्यार्थियों के लिए इसी तरह प्रोफेसर विकास शर्मा का मार्गदर्शन मिलता रहेगा।
कार्यशाला का सफलतापूर्वक संचालन डाॅ. फरहा हाशमी ने किया। कार्यशाला में डीन डाॅ. अतीर्कुरहमान, वृन्दा, डाॅ. रेनू जैन, अनिता पाल और डाॅ. अंशू तेवतिया समेत विभिन्न शिक्षक और विभाग के सभी विद्यार्थी सम्मिलित रहे।

