लखनऊ। नवरात्र में वाराणसी जिला अदालत को बम से उड़ाने की धमकी दी गई। इससे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। बता दें कि इस समय वाराणसी की जिला अदालत में ज्ञानवापी तथा श्रृंगार गौरी का मामला विचाराधीन है। जिला कोर्ट में दोनों मामले की सुनवाई हो रही है। आज शनिवार को लखनऊ में सीएम योगी आदित्यनाथ के सरकारी आवास पर जिला जज अदालत को बम से उड़ाने की धमकी दी गई। सीएम योगी आदित्यनाथ के वाराणसी दौरे के दौरान इस धमकी भरे फोन के बाद सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर आ गई हैं। फोन कर धमकी देने वाले की पड़ताल प्रारंभ कर दी गई है। वाराणसी की जिस अदालत को बम से उड़ाने की धमकी दी है। उसी कोर्ट में ज्ञानवापी विवाद की सुनवाई इस समय चल रही है। अदालत ने ज्ञानव्यापी मामले पर अपना फैसला सुरक्षित रखा हुआ है। अब ज्ञानवापी मस्जिद विवाद पर सात अक्टूबर को फैसला सुनाया जाएगा।
लखनऊ में शुक्रवार आधी रात के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सरकारी आवास पर एक काल से लखनऊ से लेकर वाराणसी तक हड़कंप मच गया। सीएम योगी आदित्यनाथ के सरकारी आवास, पांच कालीदास मार्ग पर एक धमकी भरा फोन कॉल आया। जिसमें वाराणसी की जिला अदालत को बम से उड़ाने की बात कही गई है। आधी रात को आए धमकी भरे फोन को ड्यूटी स्टाफ ने रिसीव किया। वाराणसी कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी देने वाले से ड्यूटी स्टाफ ने जब यह पूछा कहां से बोल रहे हो। यह पूछते ही कालर ने फोन को काट दिया। इसके बाद ड्यूटी स्टाफ ने सीनियर अधिकारियों को मामले की जानकारी दी। उसके सीनियर अधिकारियों को जानकारी देने के बाद से साइबर टीम एक्टिव हो गई।
लखनऊ पुलिस ने वाराणसी पुलिस से इस मामले को गंभीरता से लेने के साथ ही सतर्क रहने को कहा है। जिस मोबाइल से धमकी भरी काल की थी। उस मोबाइल नंबर ट्रेस करते हुए वाराणसी पुलिस एक सब्जी विक्रेता के पास पहुंची। इसके बाद उसको हिरासत में लिया गया। उसने बताया कि उसका मोबाइल फोन चोरी हो गया है। उसको नहीं पता कि किसने काल की है। जिस नंबर से धमकी भरी काल की गई है, वो नंबर सब्जी विक्रेता की बेटी के नाम पर है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

