देहरादून। देहरादून के परेड ग्राउंड पर पांच अक्तूबर को दशहरे का आयोजन किया जाएगा। आयोजन को भव्य बनाने के लिए दशहरा कमेटी बन्नू बिरादरी ने ताकत झोंक दी है। कोरोना के चलते पिछले दो साल बाद आयोजित होने वाले 75वें दशहरा महोत्सव में रावण का पुतला 65 फीट ऊंचा बनाया है। इसके अलावा कुंभकर्ण और मेघनाथ के पुतलों को भव्य रूप प्रदान करने के साथ ही इनको भी पिछली बार से ऊंचा बनाया है।
इस बार कुंभकर्ण का पुतला 60 फीट तो मेघनाथ के पुतले की ऊंचाई 55 फीट की गई है। दशहरा कमेटी बन्नू बिरादरी के प्रधान संतोख नागपाल ने बताया कि चार अक्तूबर को तीनों (रावण, मेघनाथ और कुंभकर्ण) पुतले मैदान में खड़े किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि पुतलों के लिए कपड़े मुंबई से मंगवाए हैं। हरियाणा के महेंद्रगढ़ से 35 कारीगर पुतले तैयार करने के लिए बुलाए हैं। उन्होंने बताया कि कोरोना काल के दो साल बाद मेले को भव्य तरीके से आयोजित करने के प्रयास किए हैं। रावण, मेघनाथ, कुंभकर्ण के गले में ऐसा कपड़ा लगाया है। जो सोने की हार की तरह दिखेगा।
अबकी रावण के 20 हाथ लगाए हैं। इसके अलावा रंगीन लाइटों से उसका श्रृ्गार किया गया है। पुतले बनाने में बांस और तीन लेयर का उपयोग किया गया है। पांच अक्तूबर को पांच बजे मछली बाजार काली मंदिर से शोभायात्रा निकाली जाएगी जो कि परेड ग्राउंड पहुंचेगी। छह बजे लंका दहन होगा। इसके बाद छह बजकर पांच मिनट पर रावण के पुतले को आग लगाई जाएगी।
दशहरा आयोजन को लेकर शहर में रूट पांच अक्तूबर की रात तक बदले रहेंगे। पांच अक्तूबर की रात परेड ग्राउंड में बड़ा आयोजन होगा। इसके लिए दोपहर दो बजे से कार्यक्रम समाप्ति तक रूट डायवर्जन व्यवस्था लागू रहेगी। इसके अलावा कई रूट पर शोभायात्राएं निकाली जानी हैं। इसके मद्देनजर कई मार्ग पर बैरियर और डायवर्जन व्यवस्था लागू किया जाएगा। एसपी ट्रैफिक अक्षय प्रहलाद कोंडे ने लोगों से अपील की है कि वो वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें। जिससे कि यातायात और कानून व्यवस्था को बनाए रखने में परेशानी नहीं होने पाए।
