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इन गुरुद्वारों में कोरोना काल के बाद जा सकते है , अध्यात्म के साथ ले सकते हैं स्वादिष्ट लंगर का स्वाद


इन गुरुद्वारों में कोरोना काल के बाद जा सकते है , अध्यात्म के साथ ले सकते हैं स्वादिष्ट लंगर का स्वाद

कोरोना काल की वजह से तो कहीं जा नहीं सकते लेकिन जब सब ठीक हो जायेगा तो कोई आपको कही जाने से नहीं रुकेगा | आज हम आपको  गुरुद्वारों के बारे में बताने जा रहे है जहां आप अध्यात्म के साथ-साथ स्वादिष्ट लंगर का स्वाद भी ले सकते है | तो चलिए जानते हैं –

बंगला साहिब गुरुद्वारा 

बंगला साहिब गुरुद्वारा दिल्ली में स्थित है |  यहां की जटिल नक्काशी सबको आकर्षित करती है। क्या आपको पता है यहां रोज लगभग 25 हजार लोग लंगर का स्वाद लेते हैं।

स्वर्ण मंदिर 

स्वर्ण मंदिर अमृतसर में स्थित है | अगर आप इस जगह जाएंगे तो आपका मन शांत हो जायेगा | यहां के लंगर की अगल ही बात है, रोजाना लगभग 50 हजार लोग लंगर का स्वाद लेते हैं। 

तख्त श्री पटना साहिब 

तख्त श्री पटना साहिब प्रतिष्ठित गुरु श्री गुरु गोबिंद सिंह का जन्म स्थान है और ये जगह बिहार के पटना में है | यहां भी काफी संख्या में लोग लंगर का स्वाद लेते हैं।

श्री हेमकुंड साहिब गुरुद्वारा 

श्री हेमकुंड साहिब गुरुद्वारा एक खास स्थान है, जो की उत्तराखंड में स्थित है | ये गुरुद्वारा जितना खूबसूरत है उतना ही स्वादिष्ट यहां का लंगर है , यहां काफी लोग हर दिन लंगर का स्वाद लेते हैं।

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मणिकरण साहिब जी गुरुद्वारा 

मणिकरण साहिब जी गुरुद्वारा कुल्लू की हरी-भरी पहाड़ियों में है | यहां शांति के पल बिता सकते हैं। लंगर भी बेहद स्वादिष्ट होता है और काफी संख्या में लोग लंगर का स्वाद लेते हैं।

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