पद्मनाभ स्वामी मंदिर
शयन मुद्रा में विराजमान विष्णु भगवान की मूर्ति वाला पद्मनाभस्वामी मंदिर दुनिया का सबसे अमीर मंदिर बन गया है. केरल की राजधानी तिरुअनंतपुरम के श्री पद्मनाभ स्वामी मंदिर में कुल छह तहखाने हैं जिनमें से अब तक पांच को खोला गया है. और इन पांच तहखानों में से मिली राशि की कीमत 5 लाख करोड़ रुपये आंकी जा रही है. जी हां, पांच लाख करोड़ यानि एक स्विस बैंक की टक्कर का हमारे भारत में एक मंदिर है. यह देश के कई राज्यों के सालाना बजट से कहीं ज्यादा है. दिल्ली, झारखंड और उत्तराखंड के कुल वार्षिक बजट से भी यह राशि 23 हजार करोड़ रुपये ज्यादा है. देश की सबसे बड़ी मनरेगा परियोजना का बजट भी इससे आधा है.
तिरुपति बालाजी
श्री वेंकटेश्वर का यह पवित्र व प्राचीन मंदिर पर्वत की वेंकटाद्रि नामक सातवीं चोटी पर स्थित है, जो श्री स्वामी पुष्करणी नामक तालाब के किनारे स्थित है. इसी कारण यहाँ पर बालाजी को भगवान वेंकटेश्वर के नाम से जाना जाता है 650 करोड़ रुपये की वार्षिक आय के साथ तिरुपति बालाजी मंदिर भारत का दूसरा सबसे अमीर मंदिर है. अलग-अलग बैंकों में मंदिर का 3000 किलो सोना जमा है जबकि मंदिर के पास 1000 करोड़ रुपये की फिक्स्ड डिपॉजिट हैं.
शिरडी के साईं बाबा
“सबका मालिक एक है” के उद्घोषक शिरडी के साईं बाबा ने संपूर्ण जगत को सर्वशक्तिमान ईश्वर के स्वरूप का साक्षात्कार कराया. उन्होंने मानवता को सबसे बड़ा धर्म बताया और कई ऐसे चमत्कार किए जिनसे लोग उन्हें भगवान की उपाधि देने लगे. शिरडी स्थित साईं बाबा का मंदिर महाराष्ट्र के सबसे अमीर मंदिरों में से एक है. इस प्रसिद्ध मंदिर के पास 32 करोड़ रुपये के अभूषण हैं और ट्रस्ट ने 450 करोड़ रुपये का निवेश कर रखा है. इस मंदिर की संपत्ति और आय दोनों ही अरबों में है. 6 लाख कीमत के चांदी के सिक्के हैं. साथ ही, हर साल लगभग 350 करोड़ का दान आता है.
वैष्णो देवी मंदिर
कटरा, जम्मू कश्मीर स्थित वैष्णो देवी मंदिर में तिरुपति बालाजी मंदिर के बाद देश में सबसे ज्यादा भक्त दर्शन के लिए जाते हैं. यह मंदिर सालाना आय में 4 नंबर पर है. यहां हर साल सैकड़ों किलो सोने-चांदी के आभूषण चढ़ाए जाते हैं. माता वैष्णो देवी मंदिर की सालाना आय 500 करोड़ रुपये है.
गुरुवयूर मंदिर
भगवान श्री कृष्ण का मंदिर गुरुवयूर केरल में स्थित है. यह श्री विष्णु का 5000 साल पुराना मंदिर है. अपने खजाने के कारण यह मंदिर भी भारत के 10 सबसे अमीर मंदिरों में से एक है. इस मंदिर में सालाना 200 करोड़ रुपयों का चढ़ावा आता है.

