विधानपरिषद के चुनावों में उम्मीदवारी न मिलने से नाराज़ समाजवादी पार्टी गठबंधन के सहयोगी महान दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष केशव देव मौर्या ने सपा गठबंधन से नाता तोड़ लिया है, वहीँ सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के प्रमुख ओम प्रकाश राजभर ने भी अपने बेटे को उम्मीदवार न बनाने से अपनी नाराज़गी का इज़हार कर दिया है.
Also Read : विधान परिषद् चुनाव: भाजपा ने की 9 उम्मीदवारों की घोषणा, 7 मंत्री शामिल
बता दें कि विधान परिषद के लिए समाजवादी पार्टी की ओर से आज चार लोगों ने नामांकन किया, जिसमें स्वामी प्रसाद मौर्य, सीतापुर के पूर्व विधायक जासमीर अंसारी, सुबोध यादव के पुत्र मुकुल यादव और शाहनवाज़ खान ने अपना नामांकन पत्र दाख़िल किया। विधान परिषद की 13 सीटों के चुनाव के लिए नामांकन 9 जून तक होंगे और ज़रुरत पड़ने पर 20 जून को मतदान होगा.
महान दल के अध्यक्ष केशव देव मौर्य ने अखिलेश यादव ने बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें अब हमारी ज़रुरत नहीं है क्योंकि वो चाटुकारों से घिरे हैं, यहाँ तक कि अब मेरा फ़ोन भी नहीं उठाते, इसलिए अब हम गठबंधन से अलग हो रहे हैं. वहीँ सुभासपा अध्यक्ष अपने बेटे अरविन्द राजभर के लिए विधान परिषद् में जगह मांग रहे थे लेकिन अखिलेश यादव ने उन्हें भी किनारे कर दिया, अखिलेश के इस रवैये से ओम प्रकाश राजभर काफी नाराज़ बताये जा रहे हैं. वहीँ अरविन्द राजभर ने भी अपनी अनदेखी का अखिलेश पर आरोप लगाया है.
Also Read : Rampur Lok Sabha By-Election : अपने दो करीबियों के बीच फंसे दिग्गज सपा नेता आजम खान
वहीँ भारतीय जनता पार्टी ने भी अपने 9 उम्मीदवारों के नामों का एलान कर दिया है जिसमें डिप्टी सीएम समेत सात मंत्रियों के नाम शामिल हैं. उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के अलावा दयाशंकर मिश्रा, नरेंद्र कश्यप, जेपीएस राठौर, जसवंत सैनी, भूपेंद्र चौधरी और दानिश आजाद के नाम शामिल हैं जो योगी -2 में मंत्री पद पर हैं, इनके अलावा पार्टी ने मुकेश शर्मा और बीएल दोहरे उम्मीदवार घोषित हुए हैं

