देहरादून। आज भाईदूज के अवसर पर दिल्ली देहरादून मार्ग पर मोहंड में भीषण जाम लग गया। दिन में शुरू हुआ जाम शाम तक काफी भीषण स्थिति में पहुंच गया। हालात ये हो गए कि पुलिसकर्मियों केा भी जाम खुलवाने में पसीने आ गए। खबर लिखे जाने तक मोहंड में भीषण जाम लगा हुआ है। दिन में लगे जाम में फंसी बहनें अपने भाई तक भाईदूज का टीका करने नहीं पहुंच सकीं। वहीं इस जाम में बहुत से भाई भी फंसे हुए हैं जो अपनी बहन से टीका कराने दिल्ली या देहरादून जा रहे थे। मोहंड में जाम की जिस तरह की स्थिति है उसको देखते हुए यहीं कहा जा सकता है कि वाहन चालकों को सुबह तक भी इंतजार करना पड़ सकता है।

वैसे तो दिल्ली से देहरादून तक सफर अब मात्र 4 घंटे में सिमट चुका है। लेकिन मोहंड रेंज शुरू होने के साथ दून में एंट्री करने तक लोगों को आए दिन जाम से जूझना पड़ता है। मोहंड में हाईवे पर जाम लगना वैसे तो आम बात है। वीकेंड में ये जाम कभी—कभी कई किलोमीटर तक पहुंच जाता है। आज भाईदूज पर मोहंड के इस जाम ने सारी हदे पार कर दी हैं। जाम में सैकड़ों बहनें और भाई फंसे हुए है। भाई दूज के मौके पर दिन में वाहनों का दबाव हाइवे पर शुरू हुआ तो इसका असर मोहंड पर दिखाई देने लगा। जिसके चलते वाहनों की लंबी कतारें लगनी शुरू हो गई। दोनों तरफ से वाहनों की लाइनें लंबी होती गई जो कई किमी तक पहुंच गई। चंद मिनट के सफर को पूरा करने में छह से आठ घंटे का समय वाहन चालकों को लगा। दिल्ली और आसपास के शहरों के लोग अपनी बहनों और भाइयों के साथ भाई दूज मनाने के लिए निकले लेकिन मोहंड के जाम में फंसे कर रह गए। आज भाई दूज पर मोहंड में जाम का सिलसिला सुबह से ही शुरू हो गया था।
दोपहर बाद वाहनों का दबाव बढ़ा तो जाम और बढ़ने लगा और देर शाम तक जाम की स्थिति विकराल हो गई। दोपहर में ही हालात ये हो गए कि जाम 10 किमी तक पहुंच गया। आमतौर पर मोहंड में जाम एक तरफ लगता है। लेकिन आज भाई दूज के चलते दोनों तरफ से वाहनों की भीड़ अधिक होने के कारण दोनों तरफ ही जाम लग गया। हालात यह हो गई कि टूव्हीलर्स को आगे निकलने की जगह नहीं मिल पाई। कई घंटों तक टू व्हीकल्स एक ही जगह जाम में फंसे रहे।
बता दें कि देहरादून और मोहंड बैरियर के बीच एक पुलिया ट्रैफिक को सबसे अधिक परेशान करती है। लोहे की पुलिया के नाम से जानी जाने वाली पुलिया पर सिंगल ट्रैफिक निकल पाता है। आमतौर पर यहां पर पुलिस की कोई व्यवस्था नहीं होती है। जिस कारण से दोनों तरफ का ट्रैफिक पुलिया पर जमा हो जाता है और इसके बाद लंबा जाम लग जाता है।
बता दें कि मोहंड के जंगल में एक बार जाम लगने के बाद इसको खोलना टेढ़ी खीर होता है। आमतौर पर मोहंड में पुलिस की कोई व्यवस्था नहीं होती। दरअसल यह क्षेत्र यूपी के सहारनपुर जिले में आता है। लेकिन सहारपुर पुलिस यहां पर जाम खोलने के कोई उपाय नहीं करती है। इससे सहारनपुर पर भी कोई फर्क नहीं पड़ता। यहां पर अक्सर परेशानी देहरादून से आने और जाने वाले वाहन चालकों को होती है।

