- हेल्थ लाइन की रिपोर्ट में हुआ खुलासा
रुद्र मिश्रा
मुंबई – क्रिएटिविटी के लिए बड़ा नुकसान बुधवार को सामने आया. दरअसल, बालीवुड में क्रिएटिविटी करने में महारात हासिल करने वाले एक्टर इरफान ने सुबह मुंबई के एक हॉस्पिटल में अंतिम सांस ली. हेल्थ लाइन की रिपोर्ट में एक बात सामने आई है कि जिस कोलन इंफेक्शन का इरफान ट्रीटमेंट करवा रहे थे, उस बीमारी में डेथ होने की आशंका 19 से 45 परसेंट तक है. बीमारी के दौरान यदि आंत फट जाती है तो मरने की संभावना अधिक होती है. हालांकि इरफान खान किस स्टेज में थे इसकी जानकारी अभी तक सामने नहीं आयी है.
क्या है कोलन इंफेक्शन?
कोलन इंफेक्शन का बॉयोलोजिकल नाम इरिटेबल बाउल सिंड्रोम (आईबीएस) है.कोलन यानी मलाशय हमारे शरीर में पाचन तंत्र का ही हिस्सा होता है. जब हम भोजन ग्रहण करते हैं तो हमारा शरीर भोजन को पचाने के बाद लिक्विड और हार्ड मटीरियल को अलग-अलग कर देता है. यह काम आंतों में होता है. इसके बाद वेस्ट मटीरियल कोलन में जमा होता है और मल के रूप में बाहर आता है. आईबीएस आंतों की एक ऐसी बीमारी है जो मरीजकी दिनचर्या में बाधा डालने लगती है. आईबीएस के कारण आंतों में अकड़न होने लगती है, जिससे पेट में दर्द बना रहता है.
कोलन के कितने प्रकार?
कोलन मुख्यत: तीन प्रकार के होता है. पहला स्पैस्टिक कोलन, दूसरा इरिटेबल कोलन और तीसरा म्यूकस कोइलटिस. यह बीमारी पुरुषों की तुलना में महिलाओं में अधिक होती है. यह बीमारी जीवन को अस्त व्यस्त कर देता है.
कैसे पहचानेंगे?
इस बीमारी में मरीजों को पेट में मरोड़ उठने लगता है. इस बीमारी के दौरान मरीज के पेट में दर्द और सूजन बना रहता है. इसके अलावा, मरीज को कब्ज की शिकायत रहती है.यह बार-बार डायरिया का लक्षण भी बना रहता है.
कैसे साफ रखें कोलन?
इस बीमारी से मुक्ति पाने के लिए सबसे जरूरी सुबह रोजाना व्यायाम करना चाहिए. साथ ही मरीजों को किसी भी तरह का तनाव नहीं लेना चाहिए. कैफीनयुक्त चीजों को खाने से परहेज करना चाहिए.कोलन को साफ रखने के लिए सबसे पहले जरूरी है कि आप पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं. साथ ही अलग-अलग तरह के पेय पदार्थों का सेवन मौसम और समय के अनुसार करें. जैसे, दूध, दही, छाछ, नींबू पानी इत्यादि। इससे कोलन को साफ करने और पाचन को दुरुस्त रखने में मदद मिलती है.खिचड़ी का सेवन कोलन की सफाई के लिए काफी लाभदायक होता है. खासतौर पर मूंग की छिलकेवाली दाल का सेवन और मूंग दाल की खिचड़ी का सेवन पाचन तंत्र और कोलन की सेहत के लिए बहुत अधिक लाभकारी होता है.

