मदरसों और कॉमन सिविल कोड पर असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि मदरसों को बंद करने और समान नागरिक संहिता लागू करने की बात करने वाला मुसलमानों का हितैषी है. उनका मानना है कि मदरसा शब्द देश से विलुप्त हो जाना चाहिए। मुस्लिम बच्चों की तरक्की के लिए यह बहुत ज़रूरी है सभी मदरसों को स्कूलों में बदला जाय और वहां पर आम स्कूलों जैसी ही शिक्षा दी जाय।
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हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि जिसकों अपने बच्चों को कुरआन पढ़ाना है उसके लिए वह अपने घर पर इंतज़ाम करे। उन्होंने कहा कि स्कूलों बच्चे गणित और विज्ञान सीखते हैं, इसलिए धर्म की शिक्षा अपने बच्चों को अपने घर पर दें। बता दें कि असम की भाजपा सरकार ने वित्त पोषित मदरसों को बंद करने का कानून बनाया है जिसके खिलाफ मुस्लिम समाज ने ज़ोरदार विरोध किया है, मामला अभी कोर्ट में है।
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वहीँ उन्होंने लन्दन में कांग्रेस नेता राहुल गाँधी के दिए हुए बयानों की भी निंदा की है, उनका आरोप है कि राहुल अप्रत्यक्ष रूप से भारत को राज्यों का संघ कहकर अलगाववादी ताकतों का हौसला बढ़ा रहे हैं । उन्होंने कहा कि अगर भारत राज्यों का संघ है तो देश के पांच हज़ार वर्षों के समृद्ध इतिहास का क्या होगा? उन्होंने सवाल किया कि जब कांग्रेस ने खुद को इंडियन नेशनल कांग्रेस कहा तो क्या इसका मतलब राज्यों के संघ के रूप में था? राहुल गांधी परोक्ष रूप से वह अलगाववादी भावनाओं को भड़का रहे हैं। उनकी भाषा उल्फा जैसी है। गौरतलब है कि शनिवार को लंदन में आइडियाज फॉर इंडिया कार्यक्रम में बोलते हुए राहुल गांधी ने कहा था कि संविधान के अनुसार भारत राज्यों का एक संघ है।

